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मोहन मेघवाल हत्याकांड पर बवाल: 4 घंटे तक कलेक्ट्रेट में अड़ा रहा परिवार, फिर इस शर्त पर हुआ पोस्टमार्टम

Tue, 04 Aug 2026 09:43 PM IST
बूँदी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी

सार

Rajasthan News: के चर्चित मोहन मेघवाल हत्याकांड में परिजनों और समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर धरना देकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। करीब चार घंटे चली वार्ता के बाद प्रशासन के आश्वासन पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया।
 
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4 घंटे तक कलेक्ट्रेट के सामने बैठे रहे लेग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नमाना थाना क्षेत्र के गरड़दा बांध पर हुए चर्चित मोहन मेघवाल हत्याकांड को लेकर मंगलवार को बूंदी जिला कलेक्ट्रेट के बाहर कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मृतक के परिजन, ग्रामीण और समाज के लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना देकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता तथा अन्य मांगों को लेकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देगा, तब तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

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चार घंटे चली वार्ता, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तालेड़ा डीएसपी राजेश टेलर, नमाना थानाधिकारी नवल किशोर शर्मा, सदर और कोतवाली थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात रहा। करीब चार घंटे तक प्रशासन और परिजनों के बीच लगातार बातचीत चली। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग करते रहे और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते रहे।

आश्वासन के बाद माने परिजन, हुआ पोस्टमार्टम
लंबी वार्ता के बाद प्रशासन ने सहायता राशि सहित अन्य मांगों पर सहमति जताई। इसके बाद गतिरोध समाप्त हुआ और परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गए। पुलिस की मौजूदगी में बूंदी जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
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'परिवार का इकलौता कमाने वाला था मोहन'
धरने में शामिल राधेश्याम ने बताया कि मोहन मेघवाल परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी हत्या से पूरा परिवार गहरे संकट में आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सरकारी सहयोग और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। धरने के दौरान मृतक की पत्नी और पुत्र भी मौजूद रहे, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था।

हत्या के बाद एक साथी लापता, घायल का कोटा में इलाज
उल्लेखनीय है कि सोमवार को गरड़दा बांध पर मछली ठेकेदार के यहां कार्यरत मजदूर मोहन मेघवाल की हत्या कर दी गई थी, जबकि उसका साथी मोहन पुत्र हजारी भील गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद एक अन्य साथी के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है।

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घायल के बयान से खुल सकता है हत्याकांड का राज
डीएसपी राजेश टेलर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और उसके साथी लंबे समय से मछली ठेकेदार के यहां काम कर रहे थे। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं और फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि घायल मोहन भील के बयान इस हत्याकांड की जांच में अहम साबित होंगे। उसके स्वस्थ होने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी। फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

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