फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान की किन्नर ने एमपी के युवक संग रचाई शादी: मंदिर में दोनों ने लिए सात फेरे; एक साल से था रिश्ता

Fri, 03 Jul 2026 09:53 AM IST
बारां ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां

सार

राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद में मध्य प्रदेश के युवक सागर राजपूत और किन्नर सोनू उर्फ रेशमा ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। दोनों पिछले एक वर्ष से साथ थे। इस अनोखी शादी को सामाजिक समानता और प्रेम का सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
Register For Event
विज्ञापन
अनोखा विवाह चर्चा का विषय बना - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र में एक अनोखा विवाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मध्य प्रदेश के एक युवक और राजस्थान की एक किन्नर ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंदिर में विवाह कर समाज के सामने समानता, सम्मान और प्रेम की मिसाल पेश की है। इस शादी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
विज्ञापन




जानकारी के अनुसार, बारां जिले के शाहाबाद उपखंड के देवरी गांव निवासी किन्नर सोनू उर्फ रेशमा और मध्य प्रदेश के गुना जिले के कोलीपुरा निवासी सागर राजपूत पिछले करीब एक वर्ष से एक-दूसरे के साथ रह रहे थे। इस दौरान दोनों के बीच गहरा लगाव हुआ और उनका रिश्ता प्रेम में बदल गया।
विज्ञापन


शादी के प्रस्ताव के बाद लिया साथ निभाने का फैसला
बताया जा रहा है कि सागर राजपूत ने रेशमा के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। शुरुआत में रेशमा सामाजिक सोच और लोगों की प्रतिक्रिया को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन बाद में दोनों ने समाज की परवाह किए बिना जीवनभर साथ रहने का निर्णय लिया।

मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लिए सात फेरे
दोनों ने आपसी सहमति से शाहाबाद कस्बे के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह किया। पंडित लखन लाल शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया। अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। इस अवसर पर रेशमा के परिजन और कुछ करीबी मित्र मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देकर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  Rajasthan Crime News: राजस्थान में झूठी FIR कराने वालों को जेल की सजा; 1870 मामलों में कोर्ट ने लिया संज्ञान

'किन्नरों को भी मिले बराबरी का सम्मान'
विवाह के बाद रेशमा ने खुशी जताते हुए कहा कि सागर ने उनसे शादी कर समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। उनके अनुसार, यह विवाह इस बात का संदेश देता है कि किन्नर समुदाय को भी समाज में सम्मान, समान अवसर और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार मिलना चाहिए।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें