वन्यजीव तस्करी एवं ऐतिहासिक धरोहरों की ऑनलाइन बिक्री का भंडाफोड़
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शहर के हाथीभाटा क्षेत्र में पुलिस ने वन्यजीव तस्करी और अवैध ऐतिहासिक वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आईपीएस अजेय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में हाथीभाटा निवासी गिरिराज सोनी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर लंबे समय से सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रतिबंधित व ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं की अवैध खरीद-फरोख्त करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार तकनीकी निगरानी के दौरान सोशल मीडिया पर संदिग्ध विज्ञापनों की जानकारी मिली थी। इसके बाद गोपनीय सूचना के आधार पर आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से हाथी दांत, बारहसिंघा के सींग, राजा-महाराजाओं के दौर की पेंटिंग्स, मनु स्क्रिप्ट, सोने-चांदी के पुराने सिक्के, प्राचीन मूर्तियां, तलवारें सहित अन्य बहुमूल्य और प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई। ये सभी वस्तुएं वन्यजीव संरक्षण कानूनों और पुरावशेष संरक्षण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करती हैं।
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पुलिस ने जब्त की गई सामग्री को विधिवत सीज कर फॉरेंसिक जांच और विशेषज्ञ परीक्षण के लिए भेज दिया है, ताकि उनकी प्रामाणिकता, उम्र और संरक्षण की स्थिति का आकलन किया जा सके। आईपीएस अजेय सिंह राठौर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, आर्म्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, किन-किन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिक्री की जा रही थी और क्या इसके तार अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े हैं। इस कार्रवाई को अवैध वन्यजीव तस्करी और ऐतिहासिक धरोहरों की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।