फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम रहीम की पैरोल पर धामी ने जताई आपत्ति: बंदी सिखों की रिहाई ना होने पर उठाए सवाल, दे डाली ये नसीहत

Tue, 25 Aug 2026 09:28 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर

सार

धामी ने कहा कि राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है जबकि लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिखों को बीमार परिजन से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं मिल रही।
Register For Event
विज्ञापन
हरजिंदर सिंह धामी, एसजीपीसी अध्यक्ष - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोबारा पैरोल मिली है। हत्या और दुष्कर्म के मामलों में सजा काट रहे राम रहीम को पैरोल दिए जाने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार के इस फैसले को दोहरी और पक्षपातपूर्ण नीति का उदाहरण बताया।
विज्ञापन


धामी ने कहा कि राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है जबकि लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिखों को बीमार परिजन से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं मिल रही। उन्होंने इस रवैये से कानून और न्याय के समान रूप से लागू होने पर सवाल उठाए। धामी ने बताया कि कई बंदी सिख दशकों से जेलों में हैं। 

इनमें से कई अपनी कानूनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन उनकी रिहाई लंबित है। धामी ने सरकारों से सभी कैदियों के मामलों में कानून के अनुसार समान नीति अपनाने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें