पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर जारी असंतोष के बीच प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेशाध्यक्ष और चुनावी समिति को लेकर हाईकमान का फैसला अंतिम है और इस पर किसी तरह का पुनर्विचार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय सुनने के लिए भेजा गया है, लेकिन निर्णय बदलने का सवाल ही नहीं उठता।
चंडीगढ़ दौरे के दौरान बघेल ने कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्षों, जिला प्रधानों और हलका समन्वयकों सहित कई नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अधिकांश नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उनके अनुसार, प्रदेशाध्यक्ष बदलना कोई गुड्डा-गुड़ियों का खेल नहीं है और हाईकमान के फैसले बार-बार नहीं बदले जाते।
बघेल ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से उनकी फोन पर बातचीत हुई है। चन्नी फिलहाल चंडीगढ़ से बाहर हैं। यदि वे बैठक में शामिल नहीं हो पाए तो वह स्वयं उनसे मिलने जाएंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चन्नी को भी पहले प्रदेश प्रभारी के समक्ष अपनी बात रखने का संदेश दिया गया है।
चन्नी के तेवर पड़े नरम
इस बीच चन्नी के तेवर भी नरम पड़े हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उनके नेता हैं और उनके साथ कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं है। मतभेद केवल संगठनात्मक फैसले को लेकर था। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव जीतने के लिए पार्टी जो रणनीति तय करेगी, सभी नेता मिलकर उसी के अनुसार काम करेंगे।
वरिष्ठों के जूते सिर पर रखकर मना लूंगा : वड़िंग
प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, कांग्रेस में कोई फूट नहीं हैं। सभी वरिष्ठ नेता मुझसे काबिल हैं। जो नेता नाराज हैं, मैं उन्हें मना लूंगा, जो वरिष्ठ नेता ज्यादा नाराज हैं, उनके जूते अपने सिर पर रख उन्हें मना लूंगा। वड़िंग ने कहा, राहुल गांधी ने ही उन्हें सबकुछ दिया है। आज राहुल गांधी कह दें कि उन्हें अब चुनाव नहीं लड़ना है, सक्रिय राजनीति नहीं करनी है, तो भी वे कांग्रेस और राहुल गांधी जिंदाबाद ही करेंगे। उनका किसी से कोई मनमुटाव नहीं है।