पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि योजना बंद करने का निर्णय स्थगित कर दिया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल किया कि जब परियोजना पर भारी सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है तो करीब 10 साल बाद इसे बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी।
करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई अमृतसर बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) योजना को बंद करने का पंजाब सरकार का फैसला फिलहाल टल गया है।
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पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि योजना बंद करने का निर्णय स्थगित कर दिया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल किया कि जब परियोजना पर भारी सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है तो करीब 10 साल बाद इसे बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी। अमृतसर विकास मंच ने याचिका में बीआरटीएस बंद करने के प्रस्ताव को सार्वजनिक धन की बर्बादी बताते हुए इसे रोकने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने सरकार से विस्तृत शपथपत्र दाखिल कर योजना शुरू करने के मूल उद्देश्य, अब तक खर्च की गई राशि और इसे बंद करने की जरूरत का कारण बताने को कहा है। साथ ही, योजना बंद होने की स्थिति में सरकार और संबंधित विभागों की आगे की कार्ययोजना का ब्योरा भी मांगा है।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि शपथपत्र कनिष्ठ अधिकारी के स्तर से दाखिल नहीं होगा। संबंधित विभाग के सचिव या उससे ऊपर के जिम्मेदार अधिकारी को पूरी जानकारी देनी होगी। शपथपत्र की प्रति अगली सुनवाई से कम से कम 24 घंटे पहले याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने बताया कि बीआरटीएस बंद करने का फैसला फिलहाल स्थगित है। इसके बाद हाईकोर्ट ने योजना बंद करने पर रोक संबंधी याचिका पर तत्काल अंतिम आदेश नहीं दिया।