बरेली सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्यभार ग्रहण करने के ढाई महीने बाद से व्हाट्सएप ग्रुप पर चर्चा करना शुरू कर दी थी। पुनरुत्थान बरेली परिवार छह महीने से जुट रहा था। लेकिन किसी को भनक नहीं लगी।
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के दिल-दिमाग में सनातन को लेकर पिछले छह महीने से काफी चीजें चल रहीं थी। 27 मई 2025 को बरेली में बतौर सिटी मजिस्ट्रेट का कार्यभार ग्रहण करने के ढाई महीने बाद उन्होंने 12 अगस्त को पुनरुत्थान बरेली परिवार के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में सिटी मजिस्ट्रेट समेत सात लोग ग्रुप एडमिन हैं। वर्तमान में इस ग्रुप में उनके 527 समर्थक जुड़े हैं।
बताया जा रहा है कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के दिन 25 दिसंबर 2025 को जीआईसी ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम भी हुआ था। इसके आयोजक भी पुनरुत्थान बरेली परिवार के कर्ता-धर्ता ही थे, लेकिन वह सक्रिय रूप से आगे नहीं थे।
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सिटी मजिस्ट्रेट आवास के गेट पर नोटिस चस्पा
- फोटो : संवाद
कार्यक्रम का आयोजन युवा फाउंडेशन की ओर से दर्शाया गया था। इसमें ब्राह्मण समाज के ही लोगों ने शिरकत की थी। हालांकि, इन सभी मामलों से डीएम अविनाश सिंह बेखबर रहे। इस ग्रुप पर जुड़े लोग विभिन्न तरह से अपनी-अपनी मंशा के अनुसार टिप्पणी भी कर रहे हैं।
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निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री की प्रोफाइल में हुआ बदलाव
- फोटो : अमर उजाला
पुनरुत्थान बरेली परिवार के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर जुड़े लोग बताते हैं कि 13 जनवरी को यूजीसी का नया बिल आने और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार से सिटी मजिस्ट्रेट काफी आहत थे। उन्होंने शासकीय पद से इस्तीफा देने का मन कई दिनों पहले ही बना लिया था।
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अलंकार अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
अपने करीबियों से चर्चा के बाद वह गणतंत्र दिवस के दिन इस्तीफा देने की ठाने थे। उसी क्रम में अलंकार अग्निहोत्री अन्य दिनों की तरह ही सोमवार सुबह तैयार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। झंडा फहराने के कार्यक्रम के बाद वह कलक्ट्रेट परिसर में डीएम और चारों एडीएम के साथ बैठकर सामान्य चर्चा में भी शामिल हुए। इस बीच में उनके मन में इस्तीफा देने की बात उबाल मार रही थी।
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सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा
- फोटो : अमर उजाला
ऑफिस जाकर बोर्ड पर लिखा रिजाइन
सिटी मजिस्ट्रेट के निकटवर्ती बताते हैं कि सोमवार को झंडा फहराने के बाद दोपहर लगभग डेढ़ बजे वह सीधे अपने ऑफिस पहुंचे। बोर्ड पर अंकित अपने नाम के उन्होंने रिजाइन लिख दिया और किसी साथी से तस्वीरें खिंचवाईं।
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पुलिस बल तैनात
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वह सीधे अपने सरकारी आवास पहुंचे, जहां यूजीसी-रोलबैक... काला कानून वापस लो, शंकराचार्य और संतों का यह अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान... अंकित पीले रंग के पोस्टर को पकड़कर विरोध जताते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।
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सोमवार रात कार से बाहर जाते निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट
- फोटो : अमर उजाला
फिर उन्होंने उन सभी तस्वीरों को हाथ से लिखे अपने इस्तीफा के साथ अटैच कर राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को ई-मेल कर दिया। यही नहीं, उसकी कॉपी को उन्होंने सोशल मीडिया के ग्रुपों पर भी शेयर कर दिया।
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कलेक्ट्रेट से जाते सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने समर्थको के साथ
- फोटो : अमर उजाला
समर्थकों के बीच ग्रुप पर साझा हुई पल-पल की हलचल
सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफा दिए जाने के बाद से अलंकार अग्निहोत्री की संपूर्ण गतिविधियों की पल-पल की अपडेट पुनरुत्थान बरेली परिवार के नाम से बने व्हाट्सएप ग्रुप पर समर्थकों ने साझा की। यहां तक सिटी मजिस्ट्रेट के लिए भीड़ जुटाने को भी लोगों ने इसी ग्रुप पर आह्वान किया। कहां पर क्या हो रहा है... ग्रुप पर जुड़े साथी एक-दूसरे को साझा कर रहे थे।
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कलेक्ट्रेट से जाते सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने समर्थको के साथ
- फोटो : अमर उजाला
इस्तीफा देकर अलंकार ने ब्राह्मण एमपी-एमएलए पर निकाली भड़ास
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने और निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण एमपी-एमएलए पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एमपी-एमएलए जनता की आवाज नहीं उठाते बल्कि कंपनी के सीईओ की तरह उनके आका जैसा कह रहे हैं, वैसा ही कर रहे हैं।
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कलेक्ट्रेट का गेट बंद होने पर धरने बैठे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री व उनके समर्थन जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
इन्हें जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जो भी बात करेंगे, वह सिर्फ ब्राह्मण एमपी-एमएलए के लिए ही करेंगे। चूंकि, वह स्वयं ब्राह्मण हैं तो उनका सवाल उन्हीं लोगों से ही होगा। वह ब्राह्मण एमपी-एमएलए से कहना चाहते हैं कि वे लोग भी अपने पदों से तुरंत इस्तीफा दे दें।
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कलेक्ट्रेट का गेट बंद होने पर धरने बैठे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री व उनके समर्थन जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
अलंकार ने दावा किया कि केंद्र-राज्य दोनों सरकारें आपस में विश्वास खो चुकी हैं, दोनों सरकारें अल्पमत में हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ब्राह्मण विरोधी विचारधारा पर काम कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को लेकर भी काफी नाराजगी भरे शब्दों से कटाक्ष किया। अलंकार ने कहा कि कोई भी एमपी-एमएलए जनता की सुनवाई नहीं कर रहा है। सब हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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कलेक्ट्रेट का गेट बंद होने पर धरने बैठे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री व उनके समर्थन जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि ये लोग कुछ भी नहीं करेंगे। यहां पर न तो जनतंत्र बचा है, न ही गणतंत्र...सिर्फ भ्रमतंत्र है। अग्निहोत्री ने कहा कि हमारा देश कॉरपोरेट कंपनी नहीं है कि लाभ लेकर निकल लें और समाज को लड़ते छोड़ दें। उन्होंने कहा कि सवर्णों में यूजीसी और प्रयागराज की घटना को लेकर नाराजगी है। यूजीसी से केवल सवर्ण समाज के लोगों पर असर होगा।
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समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट से लौटते निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा-संपर्क न हो पाए तो याचिका दाखिल करें
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने मंगलवार की रात अपने व्हाट्स पर स्टेटस अपडेट किया। उन्होंने लिखा कि मैं एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हूं। बातचीत का एकमात्र जरिया यह मोबाइल फोन है। अगर मुझसे संपर्क न हो पाए तो सभी को भारत के संविधान के तहत हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करें।
समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट से लौटते निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
अगर हमसे संपर्क नहीं हो पाता है, तो कृपया प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के ऑफिस के साथ ही हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकीलों को सूचित करें। पुलिसकर्मियों को एडीएम कंपाउंड में मोबाइल जैमर लगाने का निर्देश दिया गया है। ताकि, हमें बाहरी दुनिया से अलग किया जा सके। सभी अंदरूनी जानकारी देने वालों का धन्यवाद। आपको सलाम, लोकतंत्र बचाओ।