बरेली में नगर निगम की टीम ने मंगलवार को 60 से अधिक दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। निगम का दावा है कि अतिक्रमण कर किए गए निर्माण पर कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को नोटिस भी दिया गया था। वहीं दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें सामान हटाने का मौका तक नहीं दिया गया।
बरेली में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम ग्रिड योजना) में बाधा बन रहीं दुकानों व अन्य निर्माण पर मंगलवार को नगर निगम ने बुलडोजर चलाया। 60 से अधिक दुकानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। व्यापारियों ने सामान हटाने तक का समय न देने का आरोप लगाया। कहा कि इससे लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं, नगर निगम ने सभी आरोपों को खारिज किया। दावा किया कि कई बार नोटिस देने के साथ ही दुकानों पर लाल निशान भी लगाए गए थे। दुकानों को ध्वस्त होता देख कई दुकानदारों के आंसू छलक आए। कहा कि दुकानें टूटने से अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से सहमे स्थानीय निवासी
- फोटो : अमर उजाला
वर्षों की मेहनत से बनी दुकान आंखों के सामने टूटी, छलके आंसू
वर्षों की मेहनत से बनाई गई दुकान को अपने आंखों के सामने टूटता देख कई व्यापारियों की आंखों से आंसू छलक आए। व्यापारियों ने कहा कि जीवन भर की कमाई चली गई, अब रोजीरोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदार आरिफ ने बताया कि 30 साल से यहां दुकान संचालित कर रहे हैं। अगर दुकान अतिक्रमण करके बनाई गई थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कपड़े की दुकान संचालित करने वाले राजीव का आरोप था कि निगम कार्रवाई में भेदभाव कर रहा है।
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महिलाओं ने किया कार्रवाई का विरोध
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कई महिलाओं ने किया कार्रवाई का विरोध
फर्नीचर की दुकान संचालित करने वाले दुकानदार बुलडोजर न चलाने की गुहार लगाते रहे, मगर टीम ने उन्हें अनसुना करके दुकान का शटर और छज्जा गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान कई महिलाएं भी विरोध में आई लेकिन पुलिस से उन्हें हटा दिया। नगर निगम के एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि भेदभाव का आरोप गलत है। जो दुकानें शेष हैं, जल्द ही उन पर भी कार्रवाई होगी।
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बुलडोजर से गिराई गईं दुकानें
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विरोध के बीच चलता रहा बुलडोजर
कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटा चौराहा व नैनीताल रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत काम प्रस्तावित है। ये प्रोजेक्ट पहले ही करीब चार माह विलंब से चल रहा है। सड़क के दोनों ओर अवैध निर्माण के चलते काम में और दिक्कतें आ रही हैं। नोटिस देने के बाद भी अतिक्रमण न हटाने पर मंगलवार को सुबह 10 बजे ही निगम की टीम तीन बुलडोजर, प्रवर्तन दल व कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। पहले से चिह्नित अतिक्रमण को तोड़ना शुरू कर दिया गया। बुलडोजर चलते ही विरोध शुरू हो गया। हालांकि, विरोध को दरकिनार करते हुए टीम ने कार्रवाई जारी रखी।
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कई बुलडोजरों से की गई कार्रवाई
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कॉलेज की दीवार भी गिराई गई
नगर निगम की टीम ने धर्मस्थल के पास किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। पेट्रोल पंप की दो दुकानों के साथ ही पास बनी दुकानों पर भी कार्रवाई की गई। कई अन्य दुकानों पर भी कार्रवाई की गई। केडीएम इंटर कॉलेज की दीवार भी गिराई गई। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए मौके पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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दुकानदारों ने की नारेबाजी
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दुकानदारों ने की नारेबाजी
अभियान के दौरान प्रभावित दुकानदारों ने नगर निगम प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। व्यापारियों ने तर्क दिया कि उन्हें सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। न ही उनके रोजगार को बचाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। विरोध और हंगामे के चलते पूरे क्षेत्र में घंटों तनाव की स्थिति बनी रही।
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बुलडोजर से ढहाया गया निर्माण
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बीते दिनों दिया था अंतिम नोटिस
निगम अफसरों के अनुसार, करीब 2.4 किलोमीटर लंबी इस रोड पर 47.74 करोड़ रुपये से काम प्रस्तावित है। निगम के अधिकारियों ने 24 मार्च को बैठक की और इससे पहले ही अंतिम नोटिस जारी करते हुए अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी थी कि खुद अतिक्रमण को हटा ले नहीं तो निगम इसे ध्वस्त कर देगा। इसके बाद भी ज्यादातर लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया।
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कई दुकानों पर चला बुलडोजर
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कार्रवाई से पहले बिजली आपूर्ति रोकी
नगर निगम की कार्रवाई से पहले पूरे इलाके की चिजली आपूर्ति काट दी गई। पूर्वाहन 10:30 बजे से लिए गए शटडाउन के चलते करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को संकट का सामना करना पड़ा। गर्मी में सात घंटे तक बिजली न आने से लोगों के पसीने छूट गए। चिजली निगम की ओर से बताया गया कि कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटा चौराहे तक घने तार हैं। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर बिजली के तार से छू सकती है। ऐसे में हादसा न हो, इसीलिए आपूर्ति बंद की गई।
कार्रवाई के बाद मलबा हटाते दुकानदार
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सीएम ग्रिड योजना के तहत यहां काम होना है। अतिक्रमण करने वालों को पहले ही नोटिस देकर खुद ही अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था, मगर इन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद मंगलवार को अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया।- राजीव राठी, एक्सईएन, नगर निगम