PM Vishwakarma Yojana
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इस योजना का लाभ मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को मिलता है। इनमें मूर्तिकार, टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाले, राजमिस्त्री, ताला बनाने वाले, माला निर्माता, धोबी, दर्जी और पत्थर तराशने वाले शामिल हैं। इसके अलावा पत्थर तोड़ने वाले, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता भी योजना के दायरे में आते हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना में लोहार, अस्त्रकार, नाव निर्माता, मोची या जूता बनाने वाले कारीगर, फिशिंग नेट निर्माता, सुनार, गुड़िया और खिलौना निर्माता तथा नाई जैसे पेशेवर भी शामिल हैं।