Change Boarding Point IRCTC: भारतीय रेलवे को देश की 'लाइफलाइन' कहा जाता है, जो हर दिन करोड़ों यात्रियों को उनकी गन्तव्य तक पहुंचाती है। रेल यात्रा के दौरान अक्सर ऐसी स्थितियां बन जाती हैं जब यात्रियों को अचानक अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदलने की जरूरत पड़ती है। इसी जरूरत को समझते हुए रेलवे के नियमों में पिछले महीने एक ऐसा सुधार किया गया था, जिसकी जानकारी आज भी बहुत कम यात्रियों को है।
1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए इस नियम को लागू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। यह बदलाव यात्रियों को ऐन वक्त पर स्टेशन चुनने की बड़ी आजादी देता है, जिससे अंतिम समय में भी सीट खोने का डर खत्म हो गया है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।