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GOBARdhan Yojana: गोबरधन योजना क्या है? गांव के आम इंसान कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ

Thu, 06 Aug 2026 06:19 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

What is Gobardhan Yojana?: गोबरधन योजना को लेकर सरकार ने बड़ा एलान किया है, जिसकी वजह से आने वाले दिनों में गांव में रह रहे किसानों के लिए नए अवसर मिलने वाले हैं। ये योजना में किसान पशुओं के गोबर और कचरे की मदद से एक्सट्र इनकम बना सकते हैं।
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गोबरधन योजना क्या है? - फोटो : AI
Gobardhan yojana guide: देशभर के ग्रामीण इलाकों में कचरे से ऊर्जा पैदा करने के लिए केंद्र सरकार की 'गोबरधन योजना' (GOBARdhan Yojana) इन दिनों काफी चर्चे में है। गोबरधन का पूरा नाम 'गैलवेनाईजिंग ऑरगैनिक बॉयो-एग्रो रिसोर्सेस धन' है। दरअसल, सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को और विस्तार देते हुए इसे नए सिरे से मंजूरी दी है, जिस पर भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है। 6 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गोबरधन योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेतों और घरों से निकलने वाले जैविक कचरे, गोबर और कृषि अवशेषों को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उन्हें उपयोगी स्वच्छ ईंधन में बदलना है। इसे इंधन में बदलने के लिए सरकार बायोगैस प्लांट लगाने वाले किसानों को मदद भी कर रही है। आइए इस लेख में समझते हैं कि यह योजना क्या है और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम लोग इससे कैसे जुड़कर बड़ा फायदा उठा सकते हैं।
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क्या है गोबरधन योजना और इसका मुख्य उद्देश्य? - फोटो : AdobeStock
क्या है गोबरधन योजना और इसका मुख्य उद्देश्य?
  • इस योजना के तहत मवेशियों के गोबर, कृषि अवशेषों, गन्ने के कचरे और नगर निकायों के जैविक कचरे को इकट्ठा करके बायोगैस और खाद बनाई जाती है। 
  • इसका मुख्य मकसद गांवों को स्वच्छ रखना, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा के नए विकल्प तैयार करना है।
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किसानों और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त कमाई का शानदार जरिया - फोटो : Adobe Stock
किसानों और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त कमाई का शानदार जरिया
  • इस योजना के जरिए ग्रामीण इलाकों के किसान और पशुपालक अपने पशुओं के गोबर और बेकार पड़े कचरे को बेचकर अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं।
  • सरकार बायोगैस प्लांट लगाने वाले किसानों और समूहों को आर्थिक सहायता और सब्सिडी भी प्रदान करती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

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गांवों में बायोगैस और जैविक खाद का उत्पादन और रोजगार - फोटो : AdobeStock
गांवों में बायोगैस और जैविक खाद का उत्पादन और रोजगार
  • योजना के तहत गांवों में छोटे और बड़े स्तर पर बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं।
  • इससे स्थानीय स्तर पर ग्रामीण युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिलते हैं और खेती के लिए सस्ती व उपजाऊ जैविक खाद आसानी से उपलब्ध हो जाती है।
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आयातित खाद पर निर्भरता कम करना - फोटो : AdobeStock
आयातित खाद पर निर्भरता कम करना
  • इस योजना से बनने वाली संपीड़ित बायोगैस का इस्तेमाल वाहनों और घरों में ईंधन के रूप में किया जा सकता है।
  • इससे विदेशों से आने वाले महंगे उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और देश ऊर्जा के मामले में तेजी से आत्मनिर्भर बनेगा।
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