Gobardhan yojana guide: देशभर के ग्रामीण इलाकों में कचरे से ऊर्जा पैदा करने के लिए केंद्र सरकार की 'गोबरधन योजना' (GOBARdhan Yojana) इन दिनों काफी चर्चे में है। गोबरधन का पूरा नाम 'गैलवेनाईजिंग ऑरगैनिक बॉयो-एग्रो रिसोर्सेस धन' है। दरअसल, सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को और विस्तार देते हुए इसे नए सिरे से मंजूरी दी है, जिस पर भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है। 6 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गोबरधन योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेतों और घरों से निकलने वाले जैविक कचरे, गोबर और कृषि अवशेषों को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उन्हें उपयोगी स्वच्छ ईंधन में बदलना है। इसे इंधन में बदलने के लिए सरकार बायोगैस प्लांट लगाने वाले किसानों को मदद भी कर रही है। आइए इस लेख में समझते हैं कि यह योजना क्या है और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम लोग इससे कैसे जुड़कर बड़ा फायदा उठा सकते हैं।