Plastic Vs Iron Cooler Power Consumption: अगर आप गर्मी आते ही प्लास्टिक या फिर लोहे का कूलर खरीदना चाहते हैं तो पहले जान लें कि इन दोनों में से किसमें बिजली की ज्यादा खपत होती है।
Plastic Vs Iron Cooler Power Consumption: गर्मी का मौसम शरू हो गया है, ऐसे में लोगों ने एसी और कूलर खरीदना शुरू कर दिया है। एसी लगाने से बिजली का बिल काफी ज्यादा है, लेकिन इसकी वजह से बिल इतना ज्यादा आता है कि हर कोई इसे नहीं लगवा सकता। ऐसे में लो कूलर लगवाना पसंद करते हैं। लेकिन जब लोग कूलर खरीदने का सोचते हैं, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि प्लास्टिक का कूलर बेहतर है या लोहे का।
ऐसा इसलिए क्योंकि सिर्फ कीमत या डिज़ाइन के आधार पर निर्णय लेने से बिजली का बिल और कूलर की उम्र प्रभावित हो सकती है। प्लास्टिक और लोहे के कूलर में तकनीकी और निर्माण के अंतर के कारण बिजली की खपत भी अलग होती है। अगर आप भी कूलर देने का प्लान कर रहे हैं तो इस लेख में हम आपको बताएंगे कि गर्मियों में कौन सा कूलर आपके लिए अधिक ऊर्जा-कुशल और लागत प्रभावी रहेगा।
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प्लास्टिक या लोहे का, कौन सा कूलर ज्यादा बिजली की खपत करता है?
- फोटो : Adobe stock
दोनों में कितनी बिजली की खपत?
लोहे और प्लास्टिक के कूलर में बिजली की खपत अलग होती है। लोहे के कूलर में मोटर और ब्लेड की क्षमता अधिक होने के कारण यह आमतौर पर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है।
उदाहरण के लिए एक सामान्य लोहे का कूलर औसतन 150-400 वॉट बिजली की खपत करता है।
अगर इसे प्रतिदिन 10-12 घंटे चलाया जाए, तो ये लगभग 1.5 से 5 यूनिट बिजली प्रति दिन खर्च करेगा।
एक महीने में लोहे का कूलर लगभग 45-150 यूनिट बिजली खपत कर सकता है,।
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प्लास्टिक या लोहे का, कौन सा कूलर ज्यादा बिजली की खपत करता है?
- फोटो : Freepik
वहीं 50–100 वाट वाले प्लास्टिक कूलर में यह खपत 0.05–0.08 यूनिट प्रति घंटे रहती है।
यदि आप आप इसे भी 12 घंटे चलाते हैं, तो ये प्रति दिन लगभग 1.2 यूनिट (लगभग 1 यूनिट) बिजली खर्च करेगा।
महीने में इसकी कुल खपत लगभग 30–36 यूनिट तक होती है।
इसका मतलब यह है कि प्लास्टिक कूलर लंबे समय में बिजली की बचत और मासिक बिल कम करने में अधिक ऊर्जा-कुशल विकल्प साबित होता है।
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प्लास्टिक या लोहे का, कौन सा कूलर ज्यादा बिजली की खपत करता है?
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लोहा या प्लास्टिक, दोनों में से क्या ज्यादा सही?
लोहे के कूलर भारी और मजबूत होते हैं, इसलिए यह लंबे समय तक टिकते हैं। लेकिन इनके जंग लगने और भारीपन के कारण इन्हें समय-समय पर रख-रखाव की जरूरत होती है। प्लास्टिक कूलर हल्के और पोर्टेबल होते हैं, साफ-सफाई में आसान होते हैं और जंग का खतरा नहीं रहता।
प्लास्टिक या लोहे का, कौन सा कूलर ज्यादा बिजली की खपत करता है?
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खरीदते समय क्या देखें?
कूलर खरीदते समय बिजली की खपत और ऊर्जा रेटिंग को जरूर देखें। कम वाट क्षमता और उच्च ऊर्जा दक्षता वाले कूलर से मासिक बिजली बिल कम आता है। इसलिए यदि आप लंबे समय में बिजली बचत करना चाहते हैं, तो प्लास्टिक कूलर छोटे कमरे के लिए और लोहे का कूलर बड़े कमरे के लिए सही विकल्प हो सकता है।
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। कूलर की बिजली खपत, यूनिट और खर्च अलग-अलग मॉडल, मोटर क्षमता, कमरे का आकार और उपयोग की अवधि के आधार पर भिन्न हो सकती है। वास्तविक बिजली खपत और बिल आपके बिजली मीटर और स्थानीय बिजली दरों के अनुसार बदल सकते हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले निर्माता द्वारा दिए गए तकनीकी विवरण और ऊर्जा रेटिंग की जांच अवश्य करें। लेख में सुझाए गए विकल्प आपके व्यक्तिगत उपयोग और परिस्थितियों के अनुसार भिन्न परिणाम दे सकते हैं। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान या खर्च के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।