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Alimony: दूसरी शादी करते ही खत्म हो जाता है पहले पति से गुजारा भत्ता? जानिए क्या कहता है नियम

Mon, 24 Aug 2026 04:38 PM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Alimony Rules in India: तलाक के बाद मिलने वाला गुजारा भत्ता कई महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा होता है। लेकिन अगर महिला दोबारा शादी कर लेती है तो क्या पहले पति की जिम्मेदारी बनी रहती है? कानून में इस स्थिति को लेकर अलग प्रावधान हैं। साथ ही, पत्नी की दूसरी शादी के बावजूद पहले पति की बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी बनी रहती है।
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पत्नी की दूसरी शादी के बाद क्या बंद हो जाती है Alimony? - फोटो : AI
तलाक के बाद पति-पत्नी के रास्ते अलग हो जाते हैं, लेकिन कई मामलों में आर्थिक जिम्मेदारियां तुरंत खत्म नहीं होतीं। अगर अदालत ने पत्नी के लिए गुजारा भत्ता यानी एलिमनी तय किया है तो एक सवाल अक्सर सामने आता है कि पत्नी की दूसरी शादी के बाद भी क्या पहले पति को यह रकम देनी होगी? इस मामले में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पत्नी के दोबारा शादी करने की स्थिति में पहले पति से मिलने वाले गुजारा भत्ते को लेकर कानून क्या कहता है।

 दूसरी शादी के बाद क्या खत्म हो जाती है एलिमनी?
दिए गए कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, तलाकशुदा महिला को गुजारा भत्ता तब तक मिल सकता है, जब तक वह दोबारा शादी नहीं करती। जैसे ही वह कानूनी तौर पर दूसरी शादी करती है, पहले पति से मिलने वाले भत्ते का अधिकार खत्म हो जाता है। इसकी वजह यह है कि दूसरी शादी के बाद उसकी आर्थिक जिम्मेदारी नए जीवनसाथी से जुड़ जाती है।
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पत्नी की दूसरी शादी के बाद क्या बंद हो जाती है Alimony? - फोटो : AI
हिंदू विवाह अधिनियम में क्या प्रावधान है?
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 25 के तहत अदालत पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश दे सकती है। अगर बाद में पत्नी दोबारा शादी कर लेती है तो पूर्व पति अदालत का दरवाजा खटखटाकर गुजारा भत्ता बंद करने या आदेश में बदलाव की मांग कर सकता है। यानी दोबारा शादी के बाद पहले पति पर पत्नी को पहले की तरह एलिमनी देते रहने की जिम्मेदारी नहीं रहती।
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पत्नी की दूसरी शादी के बाद क्या बंद हो जाती है Alimony? - फोटो : AI
BNSS में भी है प्रावधान
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 144 भी भरण-पोषण से जुड़ा प्रावधान देती है। यह सामान्य यानी सेक्युलर कानून है, जो सभी धर्मों पर लागू होता है। इसके तहत तलाकशुदा महिला के भरण-पोषण का अधिकार उसकी दोबारा शादी तक बना रह सकता है। दूसरी शादी के बाद यह अधिकार खत्म हो जाता है।

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पत्नी की दूसरी शादी के बाद क्या बंद हो जाती है Alimony? - फोटो : AI
मुस्लिम महिला के मामले में क्या होगा?
मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार भी अगर तलाकशुदा मुस्लिम महिला दूसरी शादी कर लेती है तो पहले पति से गुजारा-भत्ता पाने का अधिकार खत्म हो जाता है।
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पत्नी की दूसरी शादी के बाद क्या बंद हो जाती है Alimony? - फोटो : AI
बच्चों के खर्च पर असर नहीं
यहां एक बात समझना बेहद जरूरी है। पत्नी की दूसरी शादी होने का मतलब यह नहीं है कि पहले पति की अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारी भी खत्म हो जाएगी। अगर पहली शादी से बच्चे हैं तो उनके पालन-पोषण, पढ़ाई-लिखाई और जरूरतों का खर्च उनके सगे पिता को कानूनन उठाना होगा। यानी पत्नी की दूसरी शादी और बच्चों के अधिकार दो अलग-अलग बातें हैं। बच्चे के खर्च की जिम्मेदारी सिर्फ इसलिए खत्म नहीं होती कि मां ने दूसरी शादी कर ली है।

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