फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध शुरू होने से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम, नहीं तो झेलना पड़ सकता है पितृ दोष

Wed, 23 Sep 2026 01:04 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

पितृ पक्ष 2026 में श्राद्ध कर्म शुरू करने से पहले कुछ खास कार्यों को पूरा करना बेहद जरूरी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यदि इन नियमों और कार्यों की अनदेखी की जाए, तो पितृ नाराज हो सकते हैं और कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर परिवार की सुख-समृद्धि पर पड़ता है। आइए जानते हैं वे 4 महत्वपूर्ण काम कौन से हैं, जिन्हें श्राद्ध लगने से पहले हर हाल में पूरा कर लेना चाहिए।
Register For Event
विज्ञापन
1 of 4
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय - फोटो : अमर उजाला

पितृ पक्ष 2026 में श्राद्ध कर्म शुरू करने से पहले कुछ खास कार्यों को पूरा करना बेहद जरूरी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यदि इन नियमों और कार्यों की अनदेखी की जाए, तो पितृ नाराज हो सकते हैं और कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर परिवार की सुख-समृद्धि पर पड़ता है। आइए जानते हैं वे 4 महत्वपूर्ण काम कौन से हैं, जिन्हें श्राद्ध लगने से पहले हर हाल में पूरा कर लेना चाहिए।
शारदीय नवरात्रि 2026: 10 या 11 अक्तूबर कब होगी कलश स्थापना? जानें मां दुर्गा का वाहन और शुभ मुहूर्त
चातुर्मास खत्म होते ही शुरू होंगे मांगलिक कार्य, नवंबर-दिसंबर में गूंजेंगी शहनाइयां

विज्ञापन

2 of 4
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय - फोटो : adobe stock

पितृ पक्ष का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित माना गया है। यह 15 से 16 दिनों की अवधि होती है, जिसमें पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किया जाता है। मान्यता है कि इन दिनों पितृ धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से भोजन व सम्मान की अपेक्षा रखते हैं। यदि उन्हें विधिपूर्वक श्रद्धांजलि दी जाए, तो वे प्रसन्न होकर परिवार को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं। इसके विपरीत, यदि इन नियमों की अनदेखी होती है, तो पितृ दोष जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो जीवन में बाधाओं का कारण बनती हैं।

विज्ञापन

3 of 4
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय - फोटो : adobe stock

श्राद्ध शुरू होने से पहले पूरे कर लें ये 4 काम

शुभ कार्यों को पहले ही निपटा लें
पितृ पक्ष के दौरान विवाह, सगाई, रोका, गृह प्रवेश या किसी भी नए काम की शुरुआत जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए यदि आपके घर में कोई जरूरी रस्म या समारोह होना है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही संपन्न कर लेना चाहिए। ऐसा न करने पर उस कार्य में विघ्न आने की आशंका जताई जाती है।

घर की सफाई पूरी तरह कर लें
श्राद्ध शुरू होने से पहले घर के हर कोने, पूजा स्थान और मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई कर लेनी चाहिए। पितृ पक्ष के दौरान घर में साफ-सफाई करना या टूटी-फूटी वस्तुओं को हटाना अशुभ माना जाता है। इसलिए घर में पड़ा पुराना कबाड़, टूटे बर्तन या खराब सामान पहले ही बाहर निकाल देना उचित रहता है, ताकि पितृ पक्ष के दौरान घर स्वच्छ और पवित्र बना रहे।

बाल कटवाने और शेविंग जैसे काम पहले निपटाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना या नाखून काटना अशुभ माना जाता है। यह भी माना जाता है कि इन दिनों शरीर की साज-सज्जा से जुड़े कार्य वर्जित होते हैं क्योंकि यह समय शोक और श्रद्धा का माना गया है। इसलिए यदि हेयरकट, शेविंग या पार्लर से जुड़ा कोई काम करवाना है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही पूरा कर लें।

सूखे पौधों की सफाई और तुलसी का सम्मानजनक विसर्जन
घर में या गमलों में यदि कोई पौधा सूख चुका है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले हटा देना चाहिए। विशेष रूप से यदि सूखा हुआ पौधा तुलसी का है, तो उसे सम्मानपूर्वक जल में विसर्जित करना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि घर में सूखे या मुरझाए पौधे नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं, जो पितृ पक्ष के दौरान अशुभ फल दे सकते हैं।

विज्ञापन

4 of 4
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय - फोटो : पितृ पक्ष के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान

पितृ पक्ष के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान
केवल पितृ पक्ष से पहले ही नहीं, बल्कि इस दौरान भी कुछ नियमों का पालन जरूरी माना गया है। इन दिनों घर में केवल सात्विक भोजन बनाने की सलाह दी जाती है। मांस, मछली, अंडा, प्याज-लहसुन और मदिरा जैसी चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। साथ ही, इस अवधि में शांत और संयमित जीवनशैली अपनाने, नकारात्मक विचारों से दूर रहने और पितरों का स्मरण करते हुए दान-पुण्य करने की भी परंपरा है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें