मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले के साल (सरई) जंगलों पर करीब 30 साल बाद एक बार फिर साल बोरर कीट का बड़ा प्रकोप देखने को मिला है। सामान्य वनमंडल के पूर्व करंजिया, पश्चिम करंजिया, दक्षिण समनापुर और बजाग वन परिक्षेत्र में वर्ष 2026-27 के दौरान 30,487 हेक्टेयर वन क्षेत्र के एक लाख 46 हजार 784 साल के पेड़ इस कीट से प्रभावित पाए गए हैं। इन्हें बचाने के लिए गांववालों की मदद के बदले विभाग रुपये दे रहा है। आखिरकार जंगल पर क्या है संकट? विभाग का ऑपरेशन ट्रैप ट्री क्या है? गांववालों को क्यों दिए जा रहे रुपये? समझें इस रिपोर्ट में-
डिंडौरी जिले में करीब 1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में साल के जंगल फैले हैं, जहां लगभग 40 करोड़ साल के पेड़ मौजूद हैं। जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने व्यापक स्तर पर 'ऑपरेशन ट्रैप ट्री' शुरू किया है। विभाग के अनुसार साल बोरर का प्रकोप लगभग 30 साल के अंतराल में महामारी की तरह लौटता है। वर्ष 1995 के बाद यह पहला बड़ा प्रकोप माना जा रहा है।