भोपाल नगर निगम में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
मास्टर प्लान लागू करने की मांग पर कांग्रेस ने घेरी आसंदी
भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी घेर ली। पार्षदों ने कहा कि मास्टर प्लान तत्काल लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद मोहम्मद सरवर ने नारियलखेड़ा की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां 30 से 35 साल से लोग रह रहे हैं। यदि मकानों की रजिस्ट्री हो रही थी तो उस समय अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं रोकी। योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां होने पर नगर निगम कर वसूलता है। ऐसे में व्यापारियों से लिया गया कर वापस किया जाएगा या नहीं, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने मास्टर प्लान का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजने की मांग की।
व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क वापस लेने की मांग
व्यापारियों से वसूले जा रहे व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क का मामला भी सदन में उठा। शबिस्ता जकी ने कहा कि यह आदेश वर्ष 2022 में तत्कालीन आयुक्त और प्रशासक केवीएस चौधरी कोलसानी के कार्यकाल में जारी हुआ था। उस समय वर्तमान परिषद अस्तित्व में नहीं थी। उन्होंने शुल्क वापस लेने की मांग की। एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने कहा कि मामले में पूरी स्पष्टता के लिए सरकार से चर्चा की जा सकती है। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने शुल्क वापस लेने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि परिषद शासन से आग्रह करेगी कि भोपाल में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क की वसूली नहीं की जाए। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने भी इसका समर्थन किया।
निगम के भवन किराए पर देने का प्रस्ताव पास
नगर निगम के भवनों को किराए पर देने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। इस पर करीब 45 मिनट तक चर्चा हुई। विपक्ष ने किराए और अवधि को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पास कर दिया गया।लंच के बाद बैठक शुरू होने पर एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने निगम की इमारत को किराए पर देने का प्रस्ताव सदन में रखा था।
आयुक्त की खाली कुर्सी देखकर अध्यक्ष नाराज
प्रश्नकाल के दौरान आयुक्त संस्कृति जैन सदन में अपनी सीट पर मौजूद नहीं थीं। उनकी खाली कुर्सी को लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई। इस पर अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी नाराज हुए। उन्होंने सदन की मर्यादा का हवाला देते हुए अधिकारियों को भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने की चेतावनी दी।
एमआईसी सदस्य बोलीं- अधिकारी मुझे भी जवाब नहीं देते
संबल घोटाले को लेकर पार्षद गुड्डू चौहान ने सवाल किया कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और क्या अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त की जांच चल रही है। एमआईसी सदस्य छाया ठाकुर ने कहा कि वह चौहान के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एमआईसी सदस्य बने चार साल हो गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उन्हें भी जवाब नहीं देते। जानकारी मांगने पर आरटीआई लगाने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी मिलने के बाद ही वह सवाल का जवाब देंगी। महापौर मालती राय ने भी उनकी बात से सहमति जताई।
ये भी पढ़ें-
एसएसबी जवान ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में पत्नी से मांगी माफी