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Normal Vs Cesarean Delivery: नॉर्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन, जानिए दोनों के फायदे और नुकसान

Thu, 19 Mar 2026 11:54 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Normal Delivery Vs Cesarean Delivery: हर गर्भवती महिला डिलीवरी से पहले काफी परेशान होती है, क्योंकि ये उनकी जिंदगी का काफी अहम दिन होता है। इसके बाद उनकी जिंदगी बदल जाती है। ऐसे में  Normal Delivery या Cesarean Delivery क्या ज्यादा बेहतर है और किसके क्या नुकसान हैं, आइए जानते हैं। 
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नार्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन - फोटो : अमर उजाला
Normal Delivery Vs Cesarean Delivery: हर गर्भवती महिला के लिए डिलीवरी का दिन बेहद खास और चुनौतीपूर्ण होता है। इस दिन उनकी जिंदगी में एक नई शुरुआत होती है, इसलिए डिलीवरी का तरीका चुनना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। सामान्य रूप से, महिलाओं के सामने दो विकल्प होते हैं – नॉर्मल डिलीवरी और सिजेरियन डिलीवरी।

नॉर्मल डिलीवरी प्राकृतिक प्रक्रिया है, जबकि सिजेरियन डिलीवरी सर्जरी के माध्यम से बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया है। हर तरीके के अपने फायदे और नुकसान होते हैं, और इनका असर मां और बच्चे दोनों की सेहत पर पड़ता है। डॉक्टर की सलाह, स्वास्थ्य स्थिति और बच्चे की स्थिति के आधार पर ही सही तरीका चुना जाना चाहिए। सही जानकारी और समझ से महिला अपने डिलीवरी अनुभव को सुरक्षित, कम दर्दनाक और स्वास्थ्यकर बना सकती है।
 
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नार्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन - फोटो : Adobe Stock Photo
नॉर्मल डिलीवरी के फायदे
 
  • नॉर्मल डिलीवरी के बाद मां जल्दी स्वस्थ महसूस करती है और सामान्य गतिविधियों में लौट सकती है।
  • अस्पताल में कम रहना होता है, जिससे खर्च और असुविधा दोनों कम होते हैं।
  • शिशु को जन्म देने की प्राकृतिक प्रक्रिया बच्चे के फेफड़े और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती है।
  • चूंकि यह सर्जिकल प्रक्रिया नहीं है, इसलिए संक्रमण का खतरा कम होता है।

 
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नार्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन - फोटो : Adobe Stock Photos
नॉर्मल डिलीवरी के नुकसान
 
  • लेबर और डिलीवरी में दर्द अधिक होता है, जिसके लिए कई बार पेन मैनेजमेंट की जरूरत होती है।
  • नॉर्मल डिलीवरी में कभी-कभी कई घंटे तक लेबर चल सकता है।
  • कभी-कभी प्रसव के दौरान दिक्कत भी हो जाती है।

 

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नार्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन - फोटो : Freepik.com
 सिजेरियन डिलीवरी के फायदे
 
  • यदि मां या बच्चे की सेहत खतरे में हो, तो सिजेरियन सबसे सुरक्षित विकल्प है।
  • सिजेरियन के माध्यम से बच्चे को जल्दी जन्म दिया जा सकता है, जिससे जोखिम कम होता है।
  • चूंकि यह सर्जिकल प्रक्रिया होती है, इसलिए प्राकृतिक लेबर के दर्द से बचा जा सकता है।

 
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नार्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन - फोटो : Freepik.com
सिजेरियन डिलीवरी के नुकसान
 
  • ऑपरेशन के बाद मां को पूरी तरह स्वस्थ होने में ज्यादा समय लगता है।
  • चूंकि यह सर्जरी है, इसलिए संक्रमण या अन्य पोस्ट-ऑप जटिलताओं का खतरा रहता है।
  • एनस्थीसिया, रक्तस्राव और ऑपरेशन संबंधी अन्य जोखिम मौजूद रहते हैं।
  • इसमें कम से कम 3 दिन अस्पताल में रुकना पड़ता है।

 
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नार्मल डिलीवरी बेहतर या सिजेरियन - फोटो : Freepik.com
नॉर्मल डिलीवरी और सिजेरियन डिलीवरी में से क्या ज्यादा सुरक्षित?


डिलीवरी की सुरक्षा का निर्णय हर महिला और बच्चे की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर गर्भावस्था सामान्य है, बच्चे की स्थिति ठीक है और कोई जटिलता नहीं है, तो नॉर्मल डिलीवरी ज्यादा सुरक्षित और स्वास्थ्यकर मानी जाती है। वहीं सिजेरियन डिलीवरी उन मामलों में ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है जहां बच्चे की पोजीशन सही न हो, प्लेसेंटा या अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हों, या मां या बच्चे की जान खतरे में हो।

सिजेरियन से बच्चे को जल्दी जन्म दिया जा सकता है और आपात स्थिति में यह जीवन रक्षक साबित होती है, लेकिन इसके साथ ऑपरेशन से जुड़ी जटिलताएं, संक्रमण और लंबी रिकवरी का जोखिम रहता है। इसलिए सही विकल्प चुनने के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह और स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन जरूरी है। सिर्फ लेख के आधार पर कोई फैसला न लें, इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।


नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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