हाल के वर्षों में जन मीडिया का समाज के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का अवलोकन करना परीक्षा के लिए उपयोगी होगा। गणितीय तर्क में अप्रत्यक्ष रूप से तर्कशक्ति में अंक गणितीय अभियोग्यता की आवश्यकता होती है। अतः विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि संख्या श्रेणी, अक्षर श्रृंखला, कूट और सम्बन्ध्, अंश, समय और दूरी, अनुपात, समानुपात, प्रतिशत, लाभ और हानि, ब्याज और छूट, औसत इत्यादि से सम्बन्ध्ति आधरभूत प्रश्नों को उदाहरण सहित समझें।
युक्तिसंगत तर्क में मानसिक क्षमता के साथ-साथ किसी भी घटनाक्रम की स्थिति, अवस्था, दशा और दिशा वर्तमान और भूतकाल तथा भविष्य की योजना, पूर्वानुमान और नवीन धारणाओं पर आधरित विषयों का अध्ययन करें। आँकड़ो की व्याख्या के अन्तर्गत उन गुणों का अध्ययन होता है, जिसके द्वारा एक आदर्श शिक्षक, शिक्षण एवं सामाजिक रूप से होने वाले परिवर्तन का समय दर समय आकलन करता है। इसमें आंकड़ों के सुशासन आधरित प्रश्नों का अभ्यास आवश्यक है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की शिक्षा का प्रचार-प्रसार और प्रशिक्षण में उसकी गुणवत्ता, क्षमता और दक्षता को प्रभावशाली, सरल और बोधगम्य बनाया जा सकता है। प्रश्नों की प्रवृत्ति में सूचना संचार के माध्यम, उसके शैक्षिक एवं सामाजिक प्रभाव के साथ-साथ संचार के क्षेत्र में हो रहे नित्य अनुसंधान और विकास से सम्बन्धित प्रश्न होते हैं।
लोग, विकास और पर्यावरण के लिए मानव के क्रियाकलापों द्वारा पर्यावरण प्रभावित होता है और इन प्रभावों के बारे में जानना और पर्यावरण की समझ रखना एक शिक्षक के लिए अतिआवश्यक है। जन यानी हम भारत के लोग पर्यावरण के प्रति शैक्षिक क्रिया कलाप के माध्यम से उसे कैसे नियंत्रित रख सकते हैं ताकि विकास भी सतत् और संतुलित हो और पर्यावरण ठीक रूप से बना रहे, यह जानना भी एक शिक्षक के लिए आवश्यक है। पर्यावरण शिक्षा में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।