पूर्णिमा 16 से 17 जुलाई तक रहेगी। पहला सोमवार दोनों पद्धतियों को मानने वालों का एक ही दिन होगा। इस बार चंद्रमा और सूर्य मास के हिसाब से सावन मानने वाले लोगों का सावन एक साथ शुरू होगा। सावन में भोले बाबा को खुश करने के लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बेलपत्र, दूध, दही, गंगाजल, फूल, फल चढ़ाकर विशेष पूजा अर्चना करना शुभ होगा।