हरिद्वार कांवड़ यात्रा
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रास्ते में साथी कांवड़िये एक-दूसरे को पानी पिलाते हैं। वे कंधे से कांवड़ संभालते हुए ''चल भोले, थोड़ा और चलना है'' कहकर हौसला बढ़ाते हैं। कांवड़ मेले की सबसे खास बात यह है कि यहां जाति, उम्र, शहर और पहचान का फर्क मिट जाता है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों से आए शिवभक्त एक ही रंग में रंगे दिखते हैं। उनकी मंजिल और आस्था दोनों भगवान शिव में एक ही हैं।