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अब पेड़ों पर कील ठोकने पर होगी तीन साल की जेल

Thu, 12 Sep 2019 05:07 PM IST
प्रशांत राय फीचर डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
एक तरफ जहां लोग पेड़ों को बचाने के लिए मुहिम चला रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग पेड़ पर बोर्ड और बिजली का तार टांग कर उसे बर्बाद कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा चेन्नई में देखने को मिला, जहां ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने सड़क किनारे लगे पेड़ों पर विज्ञापन, तार या लाइट्स लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाने पर लोगों के साथ-साथ निजी संस्थाओं पर 25,000 रुपये का जुर्माना साथ ही तीन साल जेल की सजा का प्रावधान किया है। पेड़ों से दस दिन में विज्ञापन हटाने की चेतावनी देते हुए चेन्नई कॉर्पोरेशन ने कहा है कि पेड़ों पर कील ठोकना प्रकृति के खिलाफ है। 
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- फोटो : Social media
वनस्पति विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ों पर कील ठोकने और उन पर लाइट लगाने से पेड़ों को कई तरह के रोग होते हैं। उनके बढ़ने पर भी असर होता है। पेड़ भले ही सेहतमंद दिखें लेकिन अंदर से खोखले हो जाते हैं। पेड़ों पर लाइट लगाने से उनकी फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया रात के वक्त होने लग जाती है। पेड़ों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। 
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- फोटो : tree
अगस्त माह में मद्रास हाईकोर्ट ने कॉर्पोरेशन को पेड़ों की कील, विज्ञापन लगाने वालों और पेड़ों पर से केबल तार ले जाने वालों पर कार्वाई के मामले में हलफनामा दाखिल करने को कहा था। यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया गया था, जिसमें कहा गया कि पेड़ों की हालत खराब करने वालों पर कार्रवाई करने में कॉर्पोरेशन और पुलिस विफल रही है। 

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- फोटो : Social media
कॉर्पोरेशन के आयुक्त जी प्रकाश ने कहा कि स्थानीय नागरिक पेड़ों पर विज्ञापन और होर्डिंग लगाने की शिकायत नम्मा चेन्नईई एप और हेल्पलाइन (1913) पर भी कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि एप की शुरुआत नागरिक लुविधाओं में किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत करने के लिए की गई थी। 
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