fastag toll pass
- फोटो : Adobe Stock
FASTag क्या होता है?
फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टैग है, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करता है। इसे वाहन के फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है।
जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, टैग स्कैन होता है और टोल शुल्क सीधे फास्टैग से जुड़े बैंक अकाउंट या वॉलेट से कट जाता है। इससे रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और यात्रा सुचारू रहती है।
नए नियम में क्या बदला है, NHAI क्या कहता है?
एनएचएआई के मुताबिक, अब नए फास्टैग के लिए KYV स्टेप की जरूरत नहीं होगी। पहले वाहन मालिकों को टैग एक्टिव होने के बाद भी बार-बार दस्तावेज अपलोड करने, फोटो भेजने या दोबारा वेरिफिकेशन से गुजरना पड़ता था।
इस वजह से कई बार बैंक या कस्टमर केयर से कॉल आते थे और सही दस्तावेज होने के बावजूद फास्टैग सस्पेंड हो जाता था।
नए नियमों के तहत यह परेशानी खत्म हो जाएगी।
यह भी पढ़ें - Economic Survey 2026: भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार छह साल में 63% CAGR से बढ़ा, आर्थिक सर्वेक्षण में दिखी रफ्तार