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Solar Eclipse Birth Effects: सूर्य ग्रहण के समय जन्मे बच्चे पर क्या पड़ता है असर? जानें क्या कहता है ज्योतिष

Wed, 12 Aug 2026 12:21 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Grahan 2026: अक्सर सवाल उठता है कि अगर किसी बच्चे का जन्म ग्रहण के समय हो, तो क्या उसका भी कोई विशेष प्रभाव होता है? इस बारे में ज्योतिष क्या कहता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या है, आइए जानते हैं।
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Solar Eclipse Birth Effects - फोटो : AI
Baby Born During Solar Eclipse: 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय और ज्योतिषीय घटना माना जाता है। अक्सर ग्रहण को लेकर गर्भवती महिलाओं के लिए कई तरह की सावधानियां बताई जाती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी बच्चे का जन्म ग्रहण के समय हो, तो क्या उसका भी कोई विशेष प्रभाव होता है? इस बारे में ज्योतिष क्या कहता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या है, आइए जानते हैं।
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भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण - फोटो : Freepik
भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण यूरोप के अधिकांश हिस्सों, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका, कनाडा और रूस के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में दिखाई देगा। भारत में इसकी दृश्यता नहीं होगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव मुख्य रूप से उन क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों से जोड़ा जाता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है।
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ग्रहण के समय जन्म को लेकर क्या कहता है ज्योतिष? - फोटो : adobe stock
ग्रहण के समय जन्म को लेकर क्या कहता है ज्योतिष?
वैदिक ज्योतिष में ग्रहण के दौरान जन्म को सामान्य जन्म से अलग माना गया है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र की परंपरा में ग्रहणकाल में जन्म लेने वाले जातकों के लिए स्वास्थ्य, संघर्ष और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख मिलता है। हालांकि, इसे किसी व्यक्ति के पूरे जीवन का निश्चित भविष्यफल नहीं माना जा सकता।

ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, जीवन ऊर्जा, आत्मविश्वास, पिता, मान-सम्मान और व्यक्तित्व का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है। ग्रहण के दौरान सूर्य पर राहु का प्रभाव माना जाता है। इसलिए ग्रहणकाल में जन्मे बच्चे की कुंडली में सूर्य की स्थिति, राहु की स्थिति और दोनों के बीच की दूरी को विशेष महत्व दिया जाता है।

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क्या ग्रहण में जन्मे बच्चे को दोष लगता है? - फोटो : AI
क्या ग्रहण में जन्मे बच्चे को दोष लगता है?
ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रहण से संबंधित प्रभावों को शांत करने के लिए शांति पूजा और अन्य धार्मिक उपायों का उल्लेख मिलता है। हालांकि, किसी बच्चे के भविष्य का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जाता कि उसका जन्म ग्रहण के समय हुआ था। जन्म तिथि, समय, स्थान और कुंडली में मौजूद अन्य ग्रहों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।
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विज्ञान क्या कहता है? - फोटो : adobe stock
विज्ञान क्या कहता है?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इसका किसी बच्चे के जन्म, स्वास्थ्य, व्यक्तित्व या भविष्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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