ग्रहण के समय जन्म को लेकर क्या कहता है ज्योतिष?
- फोटो : adobe stock
ग्रहण के समय जन्म को लेकर क्या कहता है ज्योतिष?
वैदिक ज्योतिष में ग्रहण के दौरान जन्म को सामान्य जन्म से अलग माना गया है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र की परंपरा में ग्रहणकाल में जन्म लेने वाले जातकों के लिए स्वास्थ्य, संघर्ष और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख मिलता है। हालांकि, इसे किसी व्यक्ति के पूरे जीवन का निश्चित भविष्यफल नहीं माना जा सकता।
ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, जीवन ऊर्जा, आत्मविश्वास, पिता, मान-सम्मान और व्यक्तित्व का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है। ग्रहण के दौरान सूर्य पर राहु का प्रभाव माना जाता है। इसलिए ग्रहणकाल में जन्मे बच्चे की कुंडली में सूर्य की स्थिति, राहु की स्थिति और दोनों के बीच की दूरी को विशेष महत्व दिया जाता है।