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महाराष्ट्र: राउत बोले- 50 फीसदी की सीमा में ढील दिए बिना मराठा आरक्षण बहाल नहीं हो सकता

Sun, 08 Aug 2021 10:32 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंबई

सार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी ओबीसी सूची बनाने की शक्ति प्रदान करता है। विधेयक को अब संसद में पेश किया जाएगा।
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शिवसेना सांसद संजय राउत - फोटो : ANI
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विस्तार
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शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा कि जब तक आरक्षण में 50 प्रतिशत की सीमा में ढील नहीं दी जाती, तब तक मराठा आरक्षण बहाल नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता तब तक राज्यों का अपनी खुद की ओबीसी सूची तैयार करना मुश्किल है। भले ही संविधान में हुआ संशोधन ऐसी सूची तैयार करने की इजाजत ही क्यों ना देता हो। शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि उन्होंने संसद में इस मुद्दे और घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की।
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उन्होंने कहा कि राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री अशोक चव्हाण सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को मराठा आरक्षण के मुद्दे की स्थिति के बारे में चर्चा के लिए एक आभासी बैठक करेंगे। बता दें कि मराठा आरक्षण को इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। राउत ने कहा कि जब संसद में संविधान संशोधन का मुद्दा आएगा तो बहस की मांग उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक सीमा में 50 प्रतिशत की ढील नहीं दी जाती, तब तक मराठा कोटा बहाल नहीं किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी ओबीसी सूची बनाने की शक्ति प्रदान करता है। विधेयक को अब संसद में पारित कराने के लिए पेश किया जाएगा।
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उद्धव बोले- केंद्र को 50 प्रतिशत की सीमा हटानी चाहिए
इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि मराठा आरक्षण बहाल करने के लिए केंद्र को आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटानी चाहिए। इस तरह की छूट के बिना राज्यों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की अपनी सूची तैयार करने और आरक्षण प्रदान करने से मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने एक लाइव वेबकास्ट में राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी मांग
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीती पांच मई को समीक्षा की मांग करने वाली केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि 102वें संविधान संशोधन ने नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में कोटा देने के लिए सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) घोषित करने की राज्यों की शक्तियों को छीन लिया था। महाराष्ट्र सरकार ने एसईबीसी श्रेणी के तहत मराठों को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दिया था।

राहुल के मुंबई दौरे पर कुछ नहीं बोले राउत
राउत ने अगले साल होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए भाजपा और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच गठबंधन की संभावनाओं के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस सवाल का भी जवाब नहीं दिया कि क्या राहुल गांधी इस साल 28 दिसंबर को शहर के दौरे पर मुंबई में सीएम ठाकरे के आवास 'मातोश्री' जाएंगे। राउत ने कहा कि दिसंबर बहुत दूर है। बाकी देखते हैं।
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