मुंबई और आसपास में रह रहे प्रवासी श्रमिक गांव जाने के लिए हर तरकीब अपना रहे हैं। श्रमिक अपने गांव जाने के लिए पूरी जमापूंजी खर्च करने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। नई मुंबई में ऐसे ही 57 मजदूरों को पुलिस ने पकड़ा है, जिन्होंने जमापूंजी से साइकिल खरीदी और उत्तर भारत स्थित अपने गांव की ओर चल पड़े थे।
इंस्पेक्टर राणे ने बताया कि सभी आसपास के इलाकों में रहते हैं और मजदूरी कर गुजर-बसर करतें हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप पड़ा है। मजदूरों की शिकायत थी कि उनके पास खाने-पीने का सामान नहीं है। पुलिस ने सभी के लिए 15-15 दिन के राशन की व्यवस्था की।
साथ ही, सभी को हिदायत दी गई है कि वे दोबारा ऐसी हरकत न करें और लॉकडाउन खत्म होने तक अपने घरों में ही रहें। जरूरत पड़ने पर पुलिस उन्हें राशन मुहैया कराएगी।