गिरिबाला के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात
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बयानों में विरोध
त्विषा की मौत के पहले के विवाद, मौत के बाद उठाए गए कदमों को लेकर जो बयान समर्थ सिंह ने भोपाल पुलिस की हिरासत में दिया है और गिरिबाला सिंह ने बाहर मीडिया को जो बयान दिया है दोनों में बड़ा विरोध है। ऐसे में अब गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की आशंका बहुत प्रबल हो गई है। अब देखना होगा कि जिस भोपाल जिला न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से गिरिबाला सिंह ने कई फैसले सुनाए हैं, क्या इस अदालत में वे बहू की संदिग्ध मौत के मामले में दहेज हत्या की मुजरिम बनाकर पेश होंगी।
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हाईकोर्ट से खारिज हुई जमानत
ज्ञात हो कि गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के मामले में भोपाल कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया। उधर त्विषा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले मारपीट व संघर्ष के निशान शरीर पर मिले थे, इसके बाद सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया था कि त्विषा की मौत से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद जबलपुर उच्च न्यायालय ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी है। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गिरिबाला की गिरफ्तारी संभव मानी जा रही है ।
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सीबीआई गिरफ्तारी नहीं, दस्तावेजों पर अधिक काम करती है
हालांकि त्विषा के मामले में एक और बड़ी बात सामने आ रही है कि सामान्य पुलिस जहां गंभीर प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी पर ज्यादा जोर देती है, वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियां गिरफ्तारी से अधिक ध्यान मामले की जांच पड़ताल व दस्तावेजी कार्रवाई पर देती हैं। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि सीबीआई गिरिबाला सिंह से पूछताछ कर उन्हें छोड़ दे या हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद भोपाल ना छोड़ने की शर्त पर छोड़ दे। बाद में दिल्ली एम्स से त्विषा शर्मा की दूसरी पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद गिरफ्तारी करे।