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Khandwa: जनसुनवाई में 'डॉग मास्क' प्रकरण को प्रशासन ने बताया 'पब्लिसिटी स्टंट', फिर भी शिकायत पर होगी जांच

Thu, 20 Aug 2026 01:07 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

जनसुनवाई में कुत्ते का मास्क पहनाकर लाए गए युवक के मामले में प्रशासन ने नाराजगी जताई है। कलेक्टर ने प्रदर्शन के तरीके को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शिकायत में अगर तथ्य मिले तो कार्रवाई जरूर होगी।
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डॉग मास्क प्रकरण पर प्रशासन गंभीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई के दौरान एक युवक को डॉगी का मास्क पहनाकर अधिकारियों के सामने ले जाने का मामला चर्चा में रहा। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर युवक को कुत्ते का मास्क पहनाकर जनसुनवाई में पहुंचे थे और उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मामले ने मीडिया में सुर्खियां बटोरीं। अब जिला प्रशासन की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है।
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जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस मामले को लेकर कहा कि जनसुनवाई एक गंभीर और महत्वपूर्ण मंच है। इसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जिले के अधिकारी एक जगह मौजूद रहते हैं और कोशिश होती है कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर किया जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि ऐसे गंभीर मंच पर इस तरह का प्रदर्शन या पब्लिसिटी स्टंट किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जनसुनवाई की गंभीरता भी प्रभावित होती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी समस्या या शिकायत को लेकर जनसुनवाई में आता है तो प्रशासन उसकी शिकायत को गंभीरता से लेता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सामने रखी गई शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। यानी प्रशासन ने प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताई है लेकिन शिकायत के मूल मुद्दे की जांच से इंकार नहीं किया है।
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वहीं नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी संजय शुक्ला ने श्वान बधियाकरण केंद्र को लेकर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार पिछले करीब चार वर्षों से श्वान बधियाकरण केंद्र का संचालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र में अभी भी कई श्वान मौजूद हैं, जिनकी देखभाल की जा रही है। किसी भी श्वान के बीमार होने पर उसका उपचार कराया जाता है। साथ ही उनके रहने और भोजन की भी व्यवस्था की जाती है।
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स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक केंद्र का संचालन हर वर्ष जारी होने वाले टेंडर के तहत किया जाता है। ऐसे में इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाना उचित नहीं है। फिलहाल प्रशासन की ओर से शिकायत की जांच की बात कही गई है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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