इंदौर में ट्रांसमिशन लाइन के हाई वाल्टेज करंट के कारण लगातार जानें जा रही हैं और कंपनी का तर्क है कि चेतावनी नजरअंदाज करने के कारण लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं। हाल ही में मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी की 220 के.व्ही. सबस्टेशन साउथ जोन इंदौर से निकली 132 के.व्ही. साउथ जोन - केट 1 ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित मार्ग सीमा में एक युवक की मौत हो गई। कंपनी का कहना है कि इन्हें पूर्व में बकायदा नोटिस जारी किए गए थे एवं इन क्षेत्र में सार्वजनिक मुनादी के अलावा एमपी ट्रांसको के अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह घातक निर्माण हटाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर अनेक बार समझाइश भी दी थी।
यह भी पढ़ें...
Indore News: हाईटेंशन लाइन ने ले ली युवक की जान, दो साल पहले हुई थी शादी
क्या है पूरा मामला?
राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार, घटना 20 अक्टूबर की है। राजेंद्र नगर क्षेत्र की अबीर विहार कॉलोनी में गमले वाली पुलिया निवासी संजय चौहान (पुत्र दलसिंह चौहान) अपने घर पर दिवाली के लिए लाइटिंग लगा रहे थे। इसी दौरान वह घर के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। पिता ने बताया कि तेज आवाज सुनकर जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक संजय झुलस चुके थे। पांच दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद संजय ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कंपनी का कहना है कि हादसे के समय ट्रांसमिशन लाइन से सीधा संपर्क नहीं हुआ, लेकिन 1 लाख 32 हजार वोल्टेज के इंडक्शन प्रभाव के कारण युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, व इलाज के दौरान उस युवक की मृत्यु हो गई।
एम.पी. ट्रांसको ने जारी किए थे नोटिस
एम.पी. ट्रांसको इंदौर की अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना ने बताया कि जिस मकान (क्रमांक 71, अबीर विहार कॉलोनी, राऊ) में हादसा हुआ, उसके मालिक को मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा पहले से ही नोटिस जारी किए गए थे। कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण कार्य रोकने और खतरनाक निर्माण हटाने के लिए व्यक्तिगत रूप से भी परिवार को चेताया था, किंतु लगातार चेतावनियों की अनदेखी के चलते यह दुर्घटना हुई।
दो मजदूर भी हुए गंभीर घायल
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व खंडवा रोड स्थित साईबाग कॉलोनी में भी एक मकान पर वेल्डिंग कार्य के दौरान दो श्रमिक 132 केवी लाइन के इंडक्शन प्रभाव से गंभीर रूप से झुलस गए थे।
इंदौर मे 1031 नोटिस
नीलम खन्ना ने बताया कि इंदौर में अब तक ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण करने वालों को 1031 नोटिस दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि “एम.पी. ट्रांसको नागरिकों की जान की सुरक्षा और ट्रांसमिशन लाइन के खतरों से उन्हें जागरूक करने के लिए सतत प्रयासरत है।”
600 से 950 गुना अधिक घातक है घरेलू बिजली से
ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण न केवल मानव जीवन के लिए खतरा हैं बल्कि प्रदेश की बिजली आपूर्ति को भी लंबे समय तक बाधित कर सकते हैं। घरेलू बिजली की तुलना में ट्रांसमिशन लाइनों में प्रवाहित धारा लगभग 600 से 950 गुना अधिक घातक होती है।
अवैध निर्माण भी हटा रहा प्रशासन
इंदौर सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में एम.पी. ट्रांसको की टीमें पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, जनजागरूकता कार्यक्रम और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाइश दे रही हैं। कई स्थानों पर प्रशासन की मदद से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री की अपील
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इंदौर वासियों सहित प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए ट्रांसमिशन लाइनों के समीप भवन निर्माण न करें और मानकों के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें। इससे दुर्घटनाओं की आशंका टलेगी और इंदौर सहित को सतत व सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।