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इंदौर: जीतू यादव की एमआईसी में वापसी से बवाल, विरोध में परिवार संग धरने पर बैठे भाजपा पार्षद

Sat, 12 Sep 2026 01:46 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

निष्कासित जीतू यादव की एमआईसी सदस्य के रूप में वापसी हो गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उन्हें विद्युत विभाग का प्रभार दिया है, जिसके विरोध में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा परिवार संग राजबाड़ा पर धरने पर बैठ गए हैं।
 
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राजबाड़ा पर धरने पर बैठे पार्षद कालरा। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर नगर निगम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिल रहा है। पार्षद कमलेश कालरा के साथ हुए विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित किए गए पार्षद जीतू यादव की आखिरकार पूर्ण रूप से वापसी हो गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आदेश जारी कर जीतू यादव को मेयर इन काउंसिल का सदस्य नियुक्त कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभार सौंपा गया है। पुलिस से क्लीन चिट मिलने के बाद अगस्त माह में ही उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी, लेकिन उस समय उन्हें परिषद की इस महत्वपूर्ण समिति में स्थान नहीं दिया गया था। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद अब उनकी नियुक्ति पर अंतिम सहमति बन गई है।
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राजबाड़ा पर धरना
महापौर के इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर का असंतोष भी सतह पर आ गया है। इस निर्णय के विरोध में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा अपने परिवार के साथ ऐतिहासिक राजबाड़ा पर धरने पर बैठ गए हैं। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर धरने पर बैठे कालरा का कहना है कि अब उन्हें केवल देवी अहिल्याबाई से ही न्याय की उम्मीद बची है।

क्या था पूरा विवाद
यह पूरा मामला जनवरी 2025 का है, जब पार्षद कमलेश कालरा के आवास पर तोड़फोड़ और उनके नाबालिग पुत्र के साथ कथित अभद्रता के आरोप लगे थे। इस घटना में जीतू यादव और उनके समर्थकों के नाम सामने आने के बाद इंदौर की राजनीति में भारी उबाल आ गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी ने जीतू यादव को छह  वर्ष के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, तय समय से पहले ही यह कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
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भोपाल बैठक के बाद बनी सहमति
जीतू यादव की वापसी का मार्ग राजधानी भोपाल में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद साफ हुआ। प्रदेश भाजपा नेतृत्व के साथ हुई इस बैठक में क्षेत्रीय विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने जीतू यादव का पक्ष मजबूती से रखा। संगठन की ओर से संकेत मिलने के बाद ही इंदौर महापौर ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए हैं।
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