फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

LPG Crisis: सराफा की रंगत पर पड़ने लगा है गैस संकट का असर, भुट्टे का किस और गराडू हुए ठंडे

Fri, 13 Mar 2026 10:11 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के स्वाद की जान सराफा चौपाटी की आंच अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। गैस सिलेंडरों की सप्लाई रुकने से गराडू और भुट्टे के किस जैसे मशहूर व्यंजनों को तैयार करना मुश्किल हो रहा है। दुकानदारों के सामने अब स्टॉल लगाने का संकट खड़ा हो गया है।
Register For Event
विज्ञापन
सराफा में ठंडे हुए भुट्टे का किस और गराडू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर की मशहूर सराफा चौपाटी पर भी अब गैस किल्लत का असर दिखने लगा है। अपनी चटपटी और पारंपरिक व्यंजनों के लिए देशभर में पहचान रखने वाली इस चौपाटी में कमर्शियल गैस की किल्लत की वजह से कई स्टालों से पकवान कम होने लगे हैं। हालात यह हैं कि यहां दही बड़े तो शान से उछल रहे हैं क्योंकि उन्हें बनाने में गैस की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन गराडू और भुट्टे के किस की गरमाहट कम हो गई है क्योंकि इन्हें तैयार करने के लिए लगातार आंच की जरूरत होती है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: LPG Crisis: शादी वाले घरों में टेंशन बढ़ी; होटल-ढाबा संचालक भी परेशान, कालाबाजारी रोकने मैदान में उतरे एसडीएम

गुरुवार को सराफा चौपाटी में आम दिनों के मुकाबले भीड़ कुछ कम नजर आई। ग्राहकों के मन में यह डर है कि गैस संकट की वजह से शायद उन्हें गरमा-गरम व्यंजन न मिल पाएं, हालांकि पर्यटकों की मौजूदगी बनी रही। दुकानदार धर्मेंद्र यादव ने बताया कि फिलहाल उनके पास दो-तीन दिनों का गैस स्टॉक बचा है लेकिन अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो स्टाल लगाने पर संकट खड़ा हो जाएगा। चूंकि सराफा में ज्यादातर दुकानें अस्थाई होती हैं, इसलिए दुकानदार बिजली के चूल्हे या इंडक्शन का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि इसके लिए अलग से बिजली कनेक्शन की जरूरत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सराफा चौपाटी व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम गुप्ता का कहना है कि यह चौपाटी शहर की शान है और इसे गैस संकट के कारण बंद नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने विकल्प के तौर पर इंडक्शन अपनाने पर विचार शुरू कर दिया है। एक कमर्शियल सिलेंडर आमतौर पर चार-पांच दिन चलता है, इसलिए फिलहाल हफ्ते भर तक तो काम चल जाएगा। इस मौजूदा मुसीबत से निपटने का रास्ता निकालने के लिए चौपाटी के व्यापारी जल्द ही एक बैठक करने वाले हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें