भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी गोमांस की सबसे बड़ी निर्यातक रही है और अब गो-भक्ति का नाटक कर जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस के नेताओं के हाथ पर गोमाता का खून लगा है। ये वही लोग हैं जो केरल में चौराहों पर गोवंश की हत्या कर गोमांस खाने के प्रदर्शन करते हैं और चुनाव आते ही गाय के नाम पर वोट मांगते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए गाय सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, जबकि कांग्रेस के लिए यह सिर्फ तुष्टिकरण और वोट बैंक का सौदा है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने 2004 में मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध कानून लागू कर गोहत्या और अवैध परिवहन पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है। जीएसटी की मौजूदा दरों को तय करने वाली जीएसटी काउंसिल में कांग्रेस शासित राज्य सरकार के प्रतिनिधि शामिल थे। कांग्रेस उन राज्यों में जीएसटी का विरोध क्यों नहीं कर रही जहां खुद सत्ता में है। गोरक्षा के लिए कार्य करने वाले करपात्री महाराज पर गोली चलाने का आदेश देने वाली राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी थी। शर्मा ने कहा कि जीतू पटवारी को याद होना चाहिए कि 2018 में भूल से बनी कांग्रेस सरकार ने 2004 में भाजपा सरकार द्वारा मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध कानून पर संशोधन की कोशिश की थी, जिससे गो तस्करों को खुली छूट दी जा सके। इसका भारतीय जनता पार्टी ने पुरजोर विरोध किया था और कांग्रेस को गौ तस्करों के पक्ष में निर्णय लेने से रोका था।