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राम वनगमन मार्ग मामला: एक्सईएन रवींद्र निलंबित, निर्माण करने वाली ठेकेदार फर्म भी एक माह के लिए सस्पेंड

Sat, 12 Sep 2026 09:08 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

आदेश में कहा गया है कि अगले 15 वर्षों तक मेंटिनेंस की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है लेकिन इन कमियों से स्पष्ट है कि अधिशासी अभियंता, एनएच प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह ने दायित्वों का सही से निर्वहन नहीं किया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाल नेटवर्क
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विस्तार
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राम वनगमन मार्ग पर औतारपुर से सिंगरौर उपरहार के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता खराब होने पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय के खिलाफ भी सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अंतर्गत जांच के आदेश दिए गए हैं। इस नियम में दोषी पाए जाने पर बड़ा दंड दिए जाने का प्रावधान है।

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आदेश में कहा गया है कि राम वनगमन मार्ग (एनएच-731 ए) के पैकेज-2 में किमी-35 से 49.155 तक फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण की परियोजना में स्लैब के फेल होने और किनारे के ढलान में समस्या आई। हालांकि, अगले 15 वर्षों तक मेंटिनेंस की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है लेकिन इन कमियों से स्पष्ट है कि अधिशासी अभियंता, एनएच प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह ने दायित्वों का सही से निर्वहन नहीं किया।

उन्हें पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एक्सईएन रवींद्र के साथ ही संबंधित अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय के खिलाफ भी नियम-7 के तहत जांच की जाएगी। दोनों ही अभियंताओं के मामले में आगे की जांच के लिए वाराणसी के मुख्य अभियंता को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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किसी नई बिड प्रक्रिया में नहीं ले सकेगी सकेगी हिस्सा

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने राम वनगमन मार्ग के पैकेज-2 में निर्माण करने वाली दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को एक महीने के लिए अस्थाई रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इस अवधि में यह फर्म मोर्थ, एनएचएआई के साथ ही केंद्र सरकार की किसी भी सड़क परियोजना की बिडिंग में शामिल नहीं हो पाएगी।

मोर्थ के अधीक्षण अभियंता (नार्थ-दो) तनवीर एच. पानीवाला ने शनिवार को ठेकेदार को निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया। यहा बता दें कि मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद एक्सईएन को सस्पेंड कर दिया गया। यूपीपीडब्ल्यूडी ने मोर्थ को ठेकेदार फर्म को भी काली सूची में डालने के लिए लिखा था। मामले में क्वालिटी की जांच करने वाली फर्म को पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।
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