नियमित कर्मचारियों, गिग वर्करों, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का कानूनी कवच देने के लिए उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा नियमावली 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। नियमावली के तहत तय अवधि पर काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को अब तीन के बजाय एक साल की सेवा पूरी करने पर ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।
प्लेटफॉर्म वर्कर, असंगठित और स्व-नियोजित श्रमिकों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है। नियमावली में कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाने के साथ तय अवधि के कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ देने का प्रावधान किया गया है।
नियमावली में महिला कर्मचारियों के मातृत्व लाभ से जुड़े अधिकारों के संरक्षण की व्यवस्था की गई है। रोजगार के दौरान दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में कामगार या उनके पात्र आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
आवासीय भवन निर्माण लागत भी बढ़ाई
भवन व अन्य सन्निर्माण श्रमिकों के लिए उपकर निर्धारण के लिए आवासीय भवन निर्माण की लागत की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।