संपत्तियां देख दंग रह गए अधिकारी
छापे के दौरान ललित कुमार के घर पर कई लॉकर पाए गए, जिसमें भारी मात्रा में नगदी, सोने-चांदी के बिस्किट और जेवरात आदि बरामद हुए। गहनता तलाशी में आवास में विभिन्न जगहों पर पैकेट बनाकर छिपाकर रखी गई 1.62 करोड़ रुपये की नगदी भी मिली। अधिकारियों ने बरामद किए गए करीब 22 किलो सोने-चांदी के बिस्किट एवं आभूषणों का सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त वैल्यूअर से मूल्यांकन कराया, जिसमें उनका मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया।
इसके अलावा तमाम संपत्तियों में निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए, जिनकी कीमत 13 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इसके अलावा टोयोटा इनोवा, हुंडई आई-20 कार, रिवाल्वर, विभिन्न बैंकों, पोस्ट आफिस, म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपोजिट आदि में लगभग 1 करोड़ से भी अधिक के निवेश के सुबूत भी मिले। वहीं आवास की साज-सज्जा व घरेलू उपकरण आदि में भी करोड़ों रुपये खर्च होना पाया गया।
डेढ़ साल तक एआरटीओ रायबरेली में आरआई के पद पर किया कार्य
आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार का रायबरेली के नूर मार्केट मिलन सिनेमा गली में मकान है। ललित कुमार ने शहर के जीआईसी में पढ़ाई की थी। साथ ही रायबरेली के जिस मकान में वह परिवार के साथ रहते थे। उनको पाटीदार के रूप में मिला था।
वर्ष 2010-11 में ललित कुमार रायबरेली एआरटीओ कार्यालय में आरआई के पद पर भी कार्यरत रहे थे। करीब डेढ़ साल तक वह आरआई के पद पर रायबरेली में काम करते रहे। इसके बाद स्थानांतरण हुआ था। आरआई बनने से पहले वह रोडवेज में फोरमैन थे।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि तीन माह पहले ललित कुमार रायबरेली आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने किरायेदार से कब्जा लिया था। इनके मकान में तीन दुकानें हैं, जो किराये पर उठी थीं। एक किरायेदार संतोष चौधरी से दुकान पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। जिसका मामला कोर्ट गया था। कोर्ट का फैसला आने के बाद ललित कुमार तीन माह पहले दुकान का कब्जा लेने आए थे।