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यूपी:सर्वोदय विद्यालयों के 3000 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा हुनर का प्रशिक्षण, 31 संस्थाओं को सौंपा लक्ष्य

Sun, 06 Sep 2026 04:17 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मिशन निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बैच का आकार भी तय किया है। एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी होंगे और प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अब सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को रोजगारपरक हुनर भी सिखाया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में इस शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य 31 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को दिया गया है।

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इस पहल के तहत विद्यार्थियों को उनकी स्कूली पढ़ाई के साथ अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट और अन्य रोजगारपरक सेक्टरों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसे व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है, जो आगे चलकर उनके लिए रोजगार और बेहतर करियर के अवसर खोल सकें।

प्रशिक्षण के लिए चयनित संस्थाओं को केंद्र स्थापित करने, उसका अनुमोदन कराने, विद्यार्थियों का पंजीकरण करने और बैच तैयार करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करनी होगी। 30 सितंबर तक सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर ट्रेनिंग शुरू करना अनिवार्य किया गया है।
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एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी
मिशन निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बैच का आकार भी तय किया है। एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी होंगे और प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी। इससे विद्यार्थियों को स्कूली पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर भी मिशन ने स्पष्ट व्यवस्था बनाई है। प्रशिक्षण प्रदाता द्वारा मिशन मुख्यालय में अनुबंध जमा करने और उसकी पुष्टि के बाद ही संबंधित जिले की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DPMU) बैच बनाने की अनुमति देगी. पोर्टल पर भी उन्हीं बैच और सेक्टर को मंजूरी मिलेगी, जो संबंधित संस्था को आवंटित किए गए हैं। बैच को मंजूरी देने से पहले NCVET और NQR पोर्टल पर जॉब रोल की जांच की जाएगी। इसके बाद केवल वैध और मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

पढ़ाई के साथ मिलेगा ट्रेनिंग का सामान
विद्यार्थियों को प्रशिक्षण में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर पाठ्य सामग्री देनी होगी। सामग्री मिलने की साइन की हुई रसीद और तस्वीरें भी मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) के मानकों के अनुसार होगा. प्रशिक्षण के लिए भुगतान निर्धारित कॉमन कॉस्ट नॉर्म्स के अनुसार किया जाएगा. मिशन निदेशक ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को समयसीमा और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कौशल से जोड़ने की यह पहल उन्हें आगे की पढ़ाई के साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे का कहना है कि हमारा लक्ष्य है कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से विद्यार्थी स्कूली शिक्षा के साथ हुनर में कुशल हो सकें, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें . स्कूल में ही कौशल से जुड़ने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे रोजगार व बेहतर करियर के अवसरों के लिए वे अधिक सक्षम बन सकेंगे. प्रशिक्षण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को इस पहल का पूरा लाभ मिले।

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