राज्यवार रिपोर्ट की समीक्षा की
मायावती ने राज्यवार रिपोर्ट की समीक्षा की। इस दौरान संगठन की मजबूती, जनाधार बढ़ाने व आर्थिक सहयोग पर पिछली बैठकों के निर्देशों का पालन न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कमियों को जल्द दूर करने को कहा। SIR के दौरान हो रही परेशानियों का जिक्र कर अन्य राज्यों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी। उन्होंने वोट की ताकत को बाबा साहेब अंबेडकर के संघर्ष से जोड़ते हुए इसे बहुजन समाज के शासक बनने का माध्यम बताया।
चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल
मायावती ने कहा कि वोटर लिस्ट शुद्ध करने के साथ धनबल, बाहुबल व सरकारी हथकंडों से मुक्त चुनाव की जरूरत है। बिहार चुनाव में सरकारी धन वितरण से प्रभावित करने के प्रयास को गंभीर बताया। मनरेगा की जगह प्रस्तावित विकसित भारत ग्रामीण रोजगार योजना में केंद्र के अंश घटाने की आलोचना की।
15 जनवरी को बहनजी का जन्मदिन 'जनकल्याणकारी दिवस' के रूप में मनाने के निर्देश दिए। यूपी में मंडल स्तर, अन्य राज्यों में जोन स्तर पर कार्यक्रम होंगे। BSP सरकार के जनहित कार्यों व महापुरुषों के सम्मान की चर्चा कर बहुजनों को प्रेरित करने को कहा। बैठक में पदाधिकारियों का धन्यवाद दिया।