सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती।
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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अगर सपा सरकार ने बहुजन समाज में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में बनाए नये जिलों, यूनिवर्सिटी, कालेज, अस्पताल व अन्य संस्थानों आदि के नाम बदलने के साथ इन वर्गों के आरक्षण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को निष्क्रिय व निष्प्रभावी नहीं किया होता तो उनका नाम 2 जून 1995 की स्टेट गेस्ट हाऊस कांड की तरह ही इतिहास के काले पन्नों में दर्ज होने से बच सकता था। अभी भी इसका पछतावा व पश्चाताप नहीं होना राजनीतिक द्वेष, छलावा व बेईमानी नहीं तो और क्या है।
बैठक में पदाधिकारियों ने बताया कि उनके संदेशों को गांव-गांव तक भी पहुंचाया जाएगा। यूपी विधानसभा मिशन-2027 के तहत पूर्ण बहुमत की सरकार फिर से बनाने में पूरे जी-जान से काम करेंगे। मायावती ने कहा कि गांवों में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाए। इस कार्य की नियमित समीक्षा हो, जिसकी रिपोर्ट सीधे मुझे भेजी जाए। वहीं दूसरी ओर मायावती ने नौशाद अली को लखनऊ मंडल में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं मुनकाद अली को पश्चिमी उप्र और अखिलेश अंबेडकर को अयोध्या की कमान सौंपी गई है।
बसपा ने बिहार चुनाव में अपने 90 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भी कर दी है। बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर बिहार यूनिट ने प्रत्याशियों की दो सूची जारी की हैं। वहीं मायावती, राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, नेशनल कोआर्डिनेटर रामजी गौतम समेत 40 स्टार प्रचारकों के नाम भी घोषित कर दिए गए हैं। बता दें कि बिहार चुनाव की कमान संभाल रहे आकाश आज आयोजित बैठक में शामिल नहीं हुए थे।