प्रदेश में लगे 3.73 लाख नए कनेक्शनों में अभी तक नियामक आयोग के सामने 93138 कनेक्श का ही हिसाब आया है। 20 अगस्त को सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों को शपथ पत्र के साथ 280371 कनेक्शन का हिसाब देना है। ऐसे में निगमों में हलचल मची हुई है।
प्रदेश में 10 सितंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच 3,73,509 नए बिजली कनेक्शन जारी हुए हैं। इन सभी कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाने का दावा किया गया है। ऐसे में राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटरों की दर तय कर दी। आदेश दिया कि निर्धारित दर से अधिक हुई वसूली उपभोक्ताओं को लौटाई जाए। रकम लौटाने के आदेश के बाद अब तक बिजली कंपनियां आयोग को सिर्फ 93,138 कनेक्शनों का आंकड़ा ही दे पाई हैं। ऐसे में आयोग ने निर्देश दिया है कि 20 अगस्त को सभी निगमों के प्रबंध निदेशक को तलब किया है। इन्हें पूरे मामले में हलफनामा भी देना है। ऐसे में सभी निगमों में नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे लेकर हलचल मची हुई है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि हर कनेक्शन पर लगे स्मार्ट मीटर का हिसाब लिया जाएगा। इसके लिए लड़ाई लड़ने की पुख्ता तैयारी की गई है। परिषद की आपत्ति के बाद ही आयोग में सुनवाई हुई। अब 2,80,371 कनेक्शनों का अलग हिसाब क्यों? यही वह सवाल है जिसका जवाब सामने आते ही पूरे खेल की असली तस्वीर साफ हो सकती है।