पढ़ाई के लिए समान वातावरण बनाने का उद्देश्य
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कई बार पहनावे के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक असमानता दिखाई देती है। इससे कुछ छात्रों में हीन भावना तथा कुछ में श्रेष्ठता का भाव विकसित हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इन परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा। सभी छात्र समान वातावरण में अध्ययन कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जल्द ही इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
10 लाख छात्र-छात्राओं पर असर
प्रदेश में 25 राज्य विश्वविद्यालय और 200 से ज्यादा राजकीय महाविद्यालय हैं। यहां लगभग 10 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। उच्च शिक्षा विभाग का यह निर्णय इन सभी छात्र-छात्राओं पर लागू होगा।
मध्यप्रदेश व मेघालय में पहले से व्यवस्था
अभी मध्य प्रदेश, मेघालय में सरकारी कॉलेजों में यूनिफॉर्म व्यवस्था लागू है। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए समान ड्रेस कोड अनिवार्य किया था।