इंडिया स्किल्स में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को उनकी संबंधित स्किल के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से प्रतिभागियों की क्षमता को निखारने का प्रयास किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे वर्ल्डस्किल्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि यह पहल युवाओं को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखती, बल्कि कौशल आधारित करियर के नए अवसरों से भी जोड़ती है। इंडिया स्किल्स की प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षकों और असेसरों की आवश्यकता होती है। पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विजेताओं को प्रशिक्षक और असेसर के रूप में कार्य करने के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आईटीआई में प्रशिक्षक के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अनुसार, इंडियास्किल्स प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने और कौशल आधारित करियर की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है। तिथि बढ़ाए जाने से अब अधिक युवाओं को इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।