सरोजनीनगर में निकाली गई एकता यात्रा
लखनऊ। भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर रविवार को सरोजनीनगर में ‘सरदार 150 एकता यात्रा’ का आयोजन किया गया। यह यात्रा स्कूटर इंडिया चौराहे से शुरू होकर सैनिक इंटर कॉलेज ग्राउंड पर समाप्त हुई। इसमें सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया। करीब ढाई किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में सभी वर्ग के लोगों की सहभागिता देखने को मिली।
पदयात्रा का आयोजन कराने वाले विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का वास्तुकार बताया। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ तब 562 रियासतें थीं। हर एक का अपना संविधान और झंडा था। सरदार पटेल के दृढ़ निश्चय और नीति-कौशल ने ही अखंड भारत की नींव रखी। जब हैदराबाद रियासत भारत में शामिल होने को तैयार नहीं थी और रजाकारों का आतंक चरम पर था तब सरदार पटेल लौह पुरुष के रूप में डटकर खड़े हुए। उनके नेतृत्व में 30,000 जवानों ने बिना एक गोली चलाए हैदराबाद का भारत में विलय कराया। सरदार पटेल ने भारतीय सिविल सर्विसेज की नींव भी रखी, जिसे देश का ‘स्टील फ्रेम’ कहा जाता है। सरकारें बदलती रहेंगी लेकिन देश का संचालन मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था से ही संभव है, यह उनकी दूरदर्शी सोच थी।
सरोजनीनगर में निकाली गई एकता यात्रा
सरोजनीनगर में निकाली गई एकता यात्रा
सरोजनीनगर में निकाली गई एकता यात्रा