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यूपी: 'जातीय खेमों में लड़ता नहीं, हमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए', योगी बोले- युवा बनेगा देश का भाग्य विधाता

Sun, 04 Oct 2026 11:27 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जातीय खेमों में लड़ता नहीं, हमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए। युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनेगा। आगे पढ़ें विस्तार से...
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : Yogi Adityanath YT Channel
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में हुआ। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार की प्रतियोगिता में 11 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं जुड़े। आज का युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनने वाला है। हम बिखरा-बंटा, जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं चाहते। ऐसा सोचने वाले पूर्वजों के प्रति श्रद्धा नहीं रखते हैं। हम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ चाहते हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी हम सबको ऐसे भारत के लिए कार्य करने के लिए कहा है।

गायत्री परिवार ने सर्वसमाज को जोड़ा

सीएम ने कहा कि गायत्री परिवार के पास डॉ. प्रणव पंड्या का मार्गदर्शन और डॉ. चिन्मय पंडया जैसे दूरदर्शी नायक हैं। इसलिए,परिवार को अगले 100 वर्ष के लिए लक्ष्य तय करना है। गायत्री परिवार को तनावग्रस्त, संघर्ष में उलझी, अस्तित्व के जूझती मानवता के जीवन में नया उजाला लाना है। जब देश पराधीन था और व्यक्ति हताश-निराश था, लोगों को लगता था कि गुलामी नियति बन चुकी है। तब ब्रजभूमि आगरा में जन्म लेकर भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों व परंपरा के प्रति अगाध निष्ठा रखने वाले एक ऋषि का प्रादुर्भाव होता है। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने मथुरा में प्रारंभिक साधना को बढ़ाते हुए हरिद्वार में जिस गायत्री परिवार की स्थापना की, उसने यज्ञों के माध्यम से सर्वसमाज को एक वेदी पर बैठाकर सामाजिक एकता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

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तीन साल में तीन संस्थाएं, सबका लक्ष्य एक

उन्होंने कहा कि पं. श्रीराम शर्मा स्वाधीनता संग्राम सेनानी के रूप में आजादी के आंदोलन से जुड़े रहे। आजादी के आंदोलन से जुड़े अनेक ऋषियों ने इसमें सक्रिय योगदान दिया, लेकिन उन्हें लगा कि सफलता के लिए भौतिक ताकत के साथ आध्यात्मिक शक्ति की भी आवश्यकता है, तो साधना के माध्यम से उसे आगे बढ़ाया।

विचार पर चलने वाला संगठन तय करता है लंबी दूरी

सीएम ने कहा कि महर्षि विश्वामित्र द्वारा रचित सृष्टि का पहला मंत्र ‘गायत्री मंत्र’ परमपिता के तेज से जोड़ने का आह्वान करता है। जिसने भी इसकी शक्ति को अंगीकार किया, उसका कल्याण हो गया। व्यक्ति के नाम पर चलने वाला संगठन कुछ वर्षों के बाद धराशायी हो जाता है, लेकिन विचार के नाम पर चलने वाला संगठन लंबी दूरी तय करता है। 

संकट का मिलकर सामना करता था संयुक्त परिवार

सीएम ने कहा कि यज्ञों की वेदी पर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से समाज को जोड़ने का काम पवित्र है। पहले संसाधन कम थे, लेकिन परिवार हमारी ताकत था। सभी भाई-उनके बच्चे संयुक्त परिवार की परंपरा में रहते थे। हर कोई मिलकर संकट का सामना करता था। आज परिवार सीमित हो गए। छत भले एक हो, लेकिन पांच परिवारों के मुख अलग-अलग दिशा में हैं।
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हमारी सरकार ने लगाए 275 करोड़ पौधे

सीएम ने आगे कहा कि यज्ञकुंड में समिधा डालने का भाव जोड़ना, आगे बढ़ाना और सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' के भाव की चर्चा करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने 2017 से 2026 तक यूपी में 275 करोड़ पौधरोपण किए हैं। इस वर्ष भी हमने 35 करोड़ पौधे लगाए हैं। उनके संरक्षण व सुरक्षा के उपाय भी किए गए हैं। देहरादून फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ हमें थर्ड पार्टी के रूप में इसकी रिपोर्ट देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार जवाबदेही तय होती है। इसका पीछे हमारा ध्येय है कि भावी पीढ़ी को सुखद व सुंदर माहौल दे सकें।

शरीर में धमनियों जैसी नदियों की भूमिका

उन्होंने आगे कहा कि आज हर नदी प्रदूषित हो गई है। स्वार्थ के लिए नदी संस्कृति को नष्ट कर दिया गया। जीवनदायिनी नदियां नहीं रहेंगी तो जीवन सृष्टि के सामने संकट खड़ा होगा। नदियों की भूमिका वैसे ही है, जैसे शरीर में धमनियों की। हमें नदियों को बचाकर उन्हें अविरल-निर्मल करना होगा। एक नदी दशकों पहले सूख गई थी। हमने सेटेलाइट मैपिंग से उसके इमेज निकाले, उसकी खुदाई प्रारंभ कराई। कार्य संपन्न होने के बाद बरसात में वहां जल धारा फूट पड़ी। इससे पूर्वजों की तपस्या साकार हुई। जिन लोगों ने उस नदी का जल ग्रहण किया होगा, नदी के पुनर्जीवित होने पर उन्हें आशीर्वाद प्राप्त होगा।

इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, केंद्रीय जोन प्रभारी परमानंद द्विवेदी, समन्वयक रामयश तिवारी, गायत्री परिवार के स्वयंसेवक और प्रदेशभर से आए शिक्षक मौजूद रहे।
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