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रिटायर्ड मेडिकल अफसर को बेटे ने झाड़ू, वाइपर और चप्पल से पीटा

Thu, 16 Jun 2016 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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चंद रुपयों के ल‌िए जानवर बन गया बेटा
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इलाहाबाद निवासी रिटायर्ड चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने जिस लाडले बेटे की गोद में दुनिया की खुशियां डाल दीं, वह चंद रुपयों के लिए जानवर बन गया। पिता को गालियां देकर जलील किया। झाड़ू, वाइपर के पाइप, चप्पल और मोबाइल चार्जर से पीटा। 
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डायबिटीज और हाइपरटेंशन का मरीज होने के बाद भी उन्हें चौबीस घंटे तक भूखा रखा। किसी तरह बेटे को झांसा देकर वह इलाहाबाद स्थित शानदार कोठी से भागकर गोमतीनगर के विकासखंड निवासी भाई के घर आ गए। बेटे की करतूत सुनाई तो सबके होश उड़ गए। 

मंगलवार शाम परिवारीजन उन्हें लेकर थाना पहुंचे जहां पूरा मामला सुनने के बाद डॉ. अशोक कुमार के बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र शुक्ला का कहना है कि डॉ. अशोक कुमार इलाहाबाद के सिविल लाइंस में लोहिया मार्ग पर रहते हैं। 
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अक्तूबर 2011 में वह नॉर्थ सेंट्रल रेलवे से एडीशनल चीफ हेल्थ डायरेक्टर पद से रिटायर हुए हैं। उनकी पत्नी डॉ. ज्योति कुमारी इलाहाबाद में ही डफरिन अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. अशोक और उनके बेटे तनुज के बीच पारिवारिक झगड़ा है। 

तनुज बेरोजगार है और बिजनेस करने के लिए उनसे रुपये मांग रहा है। पिता रुपये नहीं दे रहे इसलिए वह मारपीट करता है। बीती 10 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे वह चित्रकूट स्थित पैतृक गांव से लौटा। उस वक्त डॉ. अशोक बेडरूम में लेटे हुए थे। 

तनुज आते ही उनसे झगड़ने लगा। तनुज का कहना था कि पिता उससे ज्यादा गांव में रह रहे चचेरे भाई लाला उर्फ संजय कुमार की बात को महत्व देते हैं। इस बात को लेकर पिता-पुत्र में कहासुनी हुई तो तनुज ने गाली-गलौज करते हुए वाइपर के पाइप से उन्हें पीट दिया। 

शाम से शुरू हुआ पिटाई का सिलसिला देर रात तक चला। रात करीब साढ़े बारह बजे डॉ. अशोक ने घर से जाने की कोशिश की तो उन्हें जबरन रोक लिया। इसके बाद अगले दिन भी झाड़ू, चप्पल और मोबाइल फोन के चार्जर से उन्हें पीटा गया।
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कुछ दिन पहले हुई सर्जरी, खून रिसता देख भी नहीं पसीजा बेटा

डॉ. अशोक का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। पिटाई से ऑपरेशन वाली जगह पर चोट लग गई और खून निकलने लगा। इसके बाद भी तनुज को दया नहीं आई। 

इस दौरान उसकी मां तमाशबीन बनकर खड़ी रही। उन्होंने भी बेटे को रोकने की कोशिश नहीं की। अगले दिन उन्हें खाना भी नहीं दिया गया। रात में सिर्फ एक कप चाय मिली। तनुज ने कहा कि उन्हें सिर्फ इसी शर्त पर छोड़ा जाएगा जब वह गांव का मकान रिश्तेदारों से खाली कराने के अलावा चचेरे भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा देंगे। 

डॉ. अशोक मकान खाली कराने के बहाने घर से निकले और लखनऊ के गोमतीनगर निवासी भाई के पास आ गए। शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा तो अस्पताल में वह फूट-फूटकर रोते रहे। 

एसओ ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है लेकिन घटनास्थल इलाहाबाद का है इसलिए विवेचना वहीं ट्रांसफर की जाएगी।
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