लखनऊ। जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत प्रस्तावित स्वगणना प्रक्रिया को लेकर बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यहां सात से 21 मई तक संचालित होने वाली स्वगणना की कार्ययोजना और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें तथा तय समयसीमा के भीतर अधिकतम स्वगणना सुनिश्चित कराएं। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय में कार्यशालाएं आयोजित करने पर जोर दिया गया जिससे कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
ऑनलाइन स्वगणना की प्रक्रिया समझाते हुए डीएम ने बताया कि प्रत्येक परिवार से एक सदस्य पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी स्वगणना पूरी करे और प्राप्त आईडी को सुरक्षित रखे। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश भी दिए।
जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सीडीओ को रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टॉप जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, स्टैंडी और अन्य प्रचार सामग्री लगवाने के निर्देश दिए गए। मौके पर नोडल अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। बैठक में सीडीओ अजय जैन, जनगणना निदेशालय के उप निदेशक डॉ. गौरव पांडेय, सहायक निदेशक उपासना गिरी, सांख्यिकीय अन्वेषक रमेश कुमार पांडेय और अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।