लखनऊ। एसजीपीजीआई में सिर और गर्दन की जटिल सर्जरी अब और अधिक सटीक व सुरक्षित हो सकेगी। संस्थान में जल्द ही दो नए ‘द विंची’ रोबोट सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत होगी। यह जानकारी निदेशक प्रो. आरके धीमन ने शनिवार को हेड एंड नेक सर्जरी विभाग में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कैडेवर कार्यशाला के दौरान दी।
विभाग ने एक साल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए 11 महीनों में 9 हजार से अधिक मरीजों का इलाज और 300 से ज्यादा सर्जरी की है। केजीएमयू के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में देशभर से आए 70 डॉक्टरों ने भाग लेकर जटिल सर्जरी की बारीकियां सीखीं। कार्यक्रम में लाइव डेमो और विशेषज्ञ व्याख्यान मुख्य आकर्षण रहे। डीन शालीन कुमार ने कैंसर उपचार में मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की अहम भूमिका बताई। विभागाध्यक्ष अमित खेसारी ने बताया कि प्रतिभागियों को फ्रोजन कैडेवर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर देशभर के विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए और आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई।