लखनऊ। केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया (बाईं जांघ का हर्निया) से पीड़ित 7 वर्षीय एक बच्चे की जटिल रोबोटिक सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी है। कृष्णानगर स्थित एलडीए कॉलोनी निवासी मासूम श्रेयांश यादव (7 वर्ष) को बाईं तरफ जांघ और पेट के जोड़ के पास सूजन की समस्या थी। पेट की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण आंत या चर्बी बाहर की ओर आने लगी थी। खड़े होने या खांसने पर दर्द और गांठ उभर आती थी, जिससे आंतों के फंसने का गंभीर खतरा बना हुआ था।
परिजनों ने कई जगह दिखाया, जहां ओपन सर्जरी की सलाह दी गई, जो काफी महंगी थी। अंततः वे केजीएमयू पहुंचे, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. जेडी रावत ने रोबोटिक सर्जरी की सलाह दी। 10 मार्च को भर्ती करने के बाद 16 मार्च को सफल ऑपरेशन किया गया। डॉ. रावत ने बताया कि निजी संस्थानों में इसका खर्च 1.5 से 2 लाख रुपये तक आता है, जबकि केजीएमयू में यह अत्याधुनिक तकनीक मात्र 60 हजार रुपये में उपलब्ध कराई गई।
डॉ. जेडी रावत के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी की सूक्ष्म तकनीक की वजह से बच्चे को बेहद कम दर्द हुआ और रिकवरी बहुत तेज रही। ऑपरेशन के अगले ही दिन बच्चा अपने पैरों पर चलने-फिरने लगा। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की यह दूसरी सफल रोबोटिक सर्जरी है।
टीम में डॉ. जेडी रावत, डॉ. आनंद पांडेय, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. मनीष राजपूत और डॉ. अमोल अग्रवाल, एनेस्थीसिया देने वाले डॉ. विनीता सिंह और डॉ. नीलकमल के साथ नर्सिंग ऑफिसर रीता, संजय और आकाश शामिल थे।