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बेखौफ स्टंटबाज को रोका तो दरोगा पर ही चढ़ा दी बाइक

Tue, 23 Aug 2016 05:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शंशाक देव शुक्ला - फोटो : amar ujala
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सहारा शहर ओवरब्रिज पर सोमवार शाम स्टंटबाजों को रोकने के लिए तैनात दरोगा शशांक देव शुक्ला की जान पर बन आई। अंधाधुंध स्पीड में पावर बाइक दौड़ाते आ रहे बीए के छात्र आर्यन और आदित्य को दरोगा ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने बाइक चढ़ा दी।
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 दरोगा के दाएं हाथ की हड्डी टूट गई जबकि बाएं पैर में फ्रैक्चर हुआ है। मौके से भागे स्टंटबाजों का पुलिस टीम ने पीछा किया। आर्यन को दबोच लिया गया जबकि आदित्य भाग निकला। 

देर रात पुलिस ने आदित्य को उसके घर से पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र शुक्ला की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है।

हादसा शाम करीब साढ़े छह बजे हुआ। सहारा शहर ओवरब्रिज पर स्टंटबाजों को रोकने के लिए गोमतीनगर पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान सहारा शहर की तरफ से अलीगंज के सेक्टर एम निवासी बीए द्वितीय वर्ष का छात्र आर्यन और इंदिरानगर निवासी उसका दोस्त आदित्य पावर बाइक से वहां आ गए।
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बाइक आदित्य की थी और वही चला रहा था। उसमें नंबर नहीं पड़ा था। शशांक देव शुक्ला ने अंधाधुंध गति से बाइक आते देख रुकने का इशारा किया तो आदित्य ने ब्रेक लगा दी। एक पल के लिए बाइक रुकी तो शशांक बीच सड़क पर खड़ा हो गया।
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दोनों आरोपियों के पास नहीं मिला ड्राइविंग लाइसेंस

स्टंटबाज आद‌ित्य और आर्यन - फोटो : amar ujala
इसी वक्त आर्यन ने बाइक की स्पीड से बढ़ा दी। इससे पहले पुल पर खड़े पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, तेज रफ्तार बाइक दरोगा शशांक को कुचलते हुए निकल गई।

शशांक को संभालने के साथ ही पुलिसकर्मी स्टंटबाजों के पीछे दौड़े। वायरलेस सेट से काले रंग की बिना नंबर की बाइक को पकड़ने की सूचना प्रसारित की गई।

जनेश्वर मिश्र पार्क के पास खड़ी मॉर्डन कंट्रोलरूम की पावर कार के पुलिसकर्मियों ने बाइक पकड़ ली। आर्यन मौके पर ही पकड़ लिया गया जबकि आदित्य भाग गया। आर्यन से पूछताछ के बाद पुलिस टीम आदित्य के घर पहुंची जहां वह मिल गया। 

एसओ ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला है। एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दरोगा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डीआईजी आरकेएस राठौर और एसएसपी मंजिल सैनी ने अस्पताल जाकर दरोगा का हालचाल लिया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

दरोगा शशांक देव शुक्ला कुछ दिन पहले ही हादसे का शिकार बन गए थे। उनका दायां पैर कई जगह से टूट गया था। पैर में रॉड डालकर उन्हें चलने लायक बनाया गया था। सोमवार शाम हादसे में बायें पैर में भी कई जगह से फ्रैक्चर हो गया।

एसओ ने बताया कि आदित्य के पिता अमर सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की लखनऊ शाखा में जीएम हैं जबकि आर्यन के पिता बीडी भास्कर बाराबंकी में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में अधिकारी के पद पर तैनात हैं।
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स्टंटबाजों पर रोकथाम पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

शंशाक देव शुक्ला - फोटो : amar ujala
सूचना पाकर परिवारीजन गोमतीनगर थाना पहुंचे और बेटों को छोड़ने के लिए सिफारिशी फोन कराए। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो माफी मांगने लगे। एसओ ने कहा कि दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।

स्टंटबाजों पर रोकथाम पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्टंटबाज पुलिस को देखकर घबराहट में बाइक की स्पीड और बढ़ा देते हैं। 

वह बचने की कोशिश में गलत तरीके से बाइक चलाते हैं। ऐसे में वह खुद को शिकार बना लेते हैं या फिर उन्हें रोकने वाला निशाना बन जाता है। सोमवार दोपहर भी यही हुआ। दस दिन पूर्व इसी जगह पर स्टंट करते हुए एक किशोर अपनी जान गंवा चुका है। 

रविवार रात ही फन मॉल चौकी पर स्टंटबाजों पर कार्रवाई के लिए बैठक हुई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में एक दरोगा ने स्टंटबाजों को पकड़ना नामुमकिन बताया था। 

कई पुलिसकर्मियों ने उसकी बात पर सहमति जताई। हालांकि, इसके बाद भी आला अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए सोमवार शाम स्टंटबाजों की घेराबंदी की रूपरेखा तय कर ली गई।
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