याहोवा एकेडमी फॉर परफ़ार्मिंग आर्ट्स की ओर से शनिवार को भारतेंदु नाट्य
अकादमी में ‘गोलमाल’ नाटक का मंचन किया गया।
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निर्देशन मोहम्मद हफीज व लेखन
सतीश डे का रहा। नाटक की कहानी इस संदेश को देती है कि मालिक अगर नौकरों को
समय पर तनख्वाह नहीं देगा तो गोलमाल होना तय है।
कुम्भ में खोई बेटी की
तलाश में सेठ ब्रदी प्रसाद अपने नौकरों बालम व प्रीतम को तनख्वाह नहीं
देता। मजबूरन उसकी गैर हाजिरी में वे घर को किराए पर उठा देते हैं।