लखनऊ। रेलवे बोर्ड ने पैसेंजर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाने पर सहमति दे दी है। पैसेंजर ट्रेन में अब 10 की जगह 20 कोच नजर आएंगे। वहीं, मेमू और डेमू कोच भी आठ-आठ कोच की जगह 12 कोचों से लैस होंगे। विभिन्न रेलवे मंडलों को बोर्ड ने कोच प्रक्रिया बढ़ाने के लिए भी कहा है। इससे 50 हजार यात्रियों को फायदा होगा। पूर्वोत्तर रेलवे में चल रहीं 65 पैसेंजर ट्रेनों में एक साथ 650 कोच बढ़ाए जाएंगे।
रेलवे बोर्ड की सहमति के बाद इसकी तैयारी शुरू हो गई है। छुट्टियों, त्योहारों के समय डेमू ओर मेमू ट्रेनों में जबरदस्त मारामारी रहती है। ट्रेनों में एमएसटी धारकों की भी बड़ी संख्या रहती है, जिससे अक्सर तमाम यात्री ट्रेनों में सवार नहीं हो पाते। यात्रियों की सुविधा देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने बोगियों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है।
मेमू ट्रेनें ईएमयू से एडवांस और पावरफुल होते हैं जो 200 से ज्यादा किमी की दूरी तय करती हैं। इसमें टॉयलेट नहीं होते, लेकिन मेमू ट्रेनों में हर चार कोच के बाद एक पावर कार होता है। इनकी मदद से ट्रैक्शन मोटर चलती है। वहीं, डेमू डीजल से चलती है, जिसमें पावर, ड्राइविंग और ट्रेलर कार होते हैं। हालांकि, इसमें जनरेटर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही इसमें हर तीन कोच के बाद एक पावर कार होता है, जो बहुत जल्दी एक्सीलेरेट होते हैं। यह ट्रेनें भी लंबी दूरी तय नहीं करतीं।