लखनऊ। मेट्रो का पुराना स्मार्ट कार्ड बनना बंद होने से दैनिक यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब यात्रियों को मजबूरी में टोकन लेकर सफर करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है और समय भी बर्बाद हो रहा है।
दरअसल, केंद्र सरकार की वन नेशन, वन कार्ड पहल के तहत अब केवल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) ही बनाए जाने हैं। यह एक नेशनल ट्रांजिट कार्ड है, जो मेट्रो, बस, पार्किंग, टोल टैक्स और रिटेल दुकानों पर एक साथ भुगतान की सुविधा देता है। इसी बदलाव के कारण मेट्रो ने पुराने स्मार्ट कार्ड जारी करना बंद कर दिया है। अमौसी से विश्वविद्यालय, सचिवालय और चारबाग आने-जाने वाले सैकड़ों नौकरीपेशा लोग पहले स्मार्ट कार्ड पर 10% की छूट का लाभ लेते थे, जो मिलना अब बंद हो गया है।
वहीं, नया एनसीएमसी कार्ड कब से मिलना शुरू होगा, इस पर मेट्रो अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अलीगंज के अरुण मिश्र ने बताया कि वह एयरपोर्ट पर काम करते हैं। स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए आईटी कॉलेज मेट्रो स्टेशन गए, जहां उन्हें काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने कार्ड न बनने की बात बताई। इसी तरह, मुंशीपुलिया के शुभम पांडेय भी मुंशीपुलिया से चारबाग आते हैं, मगर कार्ड न बनने के कारण अब रोज काउंटर से महंगा टोकन खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।